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Effiates दस्तावेज़ में देरी पर स्टडी प्रमुखों ने उठाया विद्रोह का सवाल

Ashish verma
29 May 2025 10:45 PM IST
Effiates दस्तावेज़ में देरी पर स्टडी प्रमुखों ने उठाया विद्रोह का सवाल
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Effiates दस्तावेज़ में देरी पर स्टडी

New Delhi.नई दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए तीनों सेनाओं को मिल रही तारीफों के बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा खरीद सौदों के तय होने के बावजूद उनकी आपूर्ति में हो रही देरी पर खुलकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय वायुसेना को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस की आपूर्ति में हो रही देरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कई बार रक्षा अनुबंध पर हस्ताक्षर के समय ही हमें पता चल जाता है कि ये उपकरण समय पर सिस्टम में नहीं आएंगे। वायुसेना प्रमुख यह कहने से नहीं हिचकिचाए कि एक भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई है। सीआईआई की सालाना बैठक के सत्र को किया संबोधित रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों और एजेंसियों को स्पष्ट संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि हम ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा न हो सके। शीर्ष उद्योग संगठन सीआईआई की सालाना बैठक के एक सत्र को गुरुवार को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि रक्षा सौदों का समय सीमा के भीतर आपूर्ति न होना बड़ा मुद्दा है। उन्होंने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए का जिक्र किया जिसके लिए वायुसेना ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ समझौता किया है।

एचएएल से करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस विमान खरीदने के समझौते के तहत वायुसेना को विमानों की आपूर्ति मार्च 2024 से शुरू होनी थी, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।तेजस एमके-1ए की आपूर्ति में देरी'मालूम हो कि अमेरिकी कंपनी जीई के साथ तेजस के इंजन की आपूर्ति का समझौता है, लेकिन इसमें दो साल से अधिक की देरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के तुरंत बाद फरवरी में अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के समक्ष जीई से इंजन आपूर्ति में देरी का मुद्दा उठाया था। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि तेजस एमके-1ए की आपूर्ति में देरी हो रही है और तेजस एमके-2 का प्रोटोटाइप अभी तक रोल आउट नहीं हुआ है। स्टील्थ एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) का अभी तक कोई प्रोटोटाइप नहीं है। एएमसीए पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।सशस्त्र बलों और उद्योग के बीच विश्वास की जरूरतअभी दो दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय ने एएमसीए के प्रोटोटाइप विमान बनाने के लिए कार्यान्वयन मॉडल परियोजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि हम सिर्फ भारत में उत्पादन की बात नहीं कर सकते। हमें यहां डिजाइनिंग और विकास के बारे में भी बात करनी चाहिए। सशस्त्र बलों और उद्योग के बीच विश्वास की जरूरत है। हमें बहुत खुला होना चाहिए।

एक बार जब हम किसी चीज के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं, तो हमें उसे पूरा करना चाहिए। यानी, जीवन बीत सकता है लेकिन वादा नहीं टूटना चाहिए।वायुसेना भारत में निर्माण करने की पूरी कोशिश कर रही है। हमें अभी से भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। वायुसेना प्रमुख ने साफ तौर पर कहा कि अगले 10 सालों में उद्योग से और अधिक उत्पादन उपलब्ध होगा, लेकिन हमें आज जिस काम की जरूरत है, उसे जल्द से जल्द पूरा करना होगा। सेनाओं की परिचालन क्षमता के लिए रक्षा आपूर्ति की अनिवार्य जरूरत को रेखांकित करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि युद्ध हमारी सेनाओं को मजबूत करके ही जीते जाते हैं। उन्होंने उद्योग से कहा कि जब हम भारत में विश्व स्तरीय कारें और अन्य चीजें बना सकते हैं, तो उन्हें देश के लिए रक्षा उपकरण बनाने के लिए भी आगे आना चाहिए।ऑपरेशन सिंदूर एक राष्ट्रीय जीतवायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय जीत बताया और कहा कि तीनों सेनाओं ने इस ऑपरेशन को बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि हम सच्चाई के रास्ते पर चल रहे थे, इसलिए मुझे लगता है कि इसमें भगवान भी हमारे साथ थे। उन्होंने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि हर भारतीय को इस जीत की उम्मीद थी। यह एक ऐसा ऑपरेशन था जिसे सभी एजेंसियों और सैन्य बलों ने बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि जब सच्चाई आपके साथ होती है तो सब कुछ अपने आप हो जाता है।


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