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छात्रों को सुनाई महान सपूतों की वीर गाथा

Shantanu Roy
20 Oct 2026 10:10 PM IST
छात्रों को सुनाई महान सपूतों की वीर गाथा
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Market. मंडी। भारत सरकार के वीरगाथा कार्यक्रम के तहत सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक सीबीएसई स्कूल मंडी में सेवानिवृत्त कर्नल तारा प्रताप सिंह राणा ने विद्यार्थियों को देश के वीर योद्धाओं के अदम्य साहस और बलिदान की प्रेरणादायक गाथाएं सुनाईं। सुबह नौ से दस बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने तुंगल घाटी के वीर सपूत और महावीर चक्र विजेता सूबेदार कांशीराम के शौर्य का वर्णन कर विद्यार्थियों में देशभक्ति का जज्बा जगाया। कर्नल राणा ने बताया कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सूबेदार कांशीराम ने अपने 30 साथियों के साथ मिलकर चीनी सेना के बड़े हमले का बहादुरी से सामना किया था। अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली पहाडिय़ों में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने नायक चैन सिंह के साथ मिलकर दुश्मन के हमले को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई। इस संघर्ष में दोनों वीर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। कर्नल राणा ने बताया कि सूबेदार कांशीराम को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया, जबकि नायक चैन सिंह को मरणोपरांत यह सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि सूबेदार कांशीराम ने वर्ष 1965 और 1971 के युद्धों सहित अन्य सैन्य अभियानों में भी अपने शौर्य का परिचय दिया।
चार अलग-अलग संघर्षों में उनका साहस और समर्पण देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। जिला पूर्व सैनिक लीग मंडी भी इस वीर योद्धा की वीरता और जीवनगाथा को पुस्तक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। कर्नल राणा ने विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अन्य प्रेरणादायक व्यक्तित्वों का सम्मान करने की सीख दी। प्रत्येक भारतीय को अपने समय और संसाधनों का दो से दस प्रतिशत हिस्सा समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। कर्नल राणा ने सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से आविष्कार करने वाले स्कूल के तीन विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तीनों विद्यार्थियों को अपनी ओर से एक-एक हजार रुपये देकर सम्मानित किया और उनके नवाचार की प्रशंसा की। प्रधानाचार्य अनिल कुमार और प्रशासन का आभार जताया।
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