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भारत की बड़ी कंपनियों की वैश्विक स्थिति कमजोर
Delhi दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार इन दिनों दबाव में है। वैश्विक आर्थिक कारणों, पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते बाजार में गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स इस साल करीब 12 प्रतिशत और निफ्टी लगभग 10 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर दुनिया की टॉप-100 सूची में अब कोई भी भारतीय कंपनी शामिल नहीं है। साल 2025 की शुरुआत में इस सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसी तीन प्रमुख भारतीय कंपनियां मौजूद थीं, जो अब बाहर हो चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज वैश्विक रैंकिंग में फिसलकर लगभग 106वें स्थान पर पहुंच गई है, जबकि HDFC बैंक 190वें स्थान पर और TCS 314वें स्थान पर आ गई है। इंफोसिस और ITC जैसी अन्य कंपनियों की रैंकिंग में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं भारती एयरटेल, ICICI बैंक और एसबीआई भी अपनी पिछली स्थिति से नीचे आए हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। जनवरी से मई 2026 के बीच FII/FPI ने भारतीय बाजार से लगभग 2.20 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। अकेले अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मई में 27,048 करोड़ रुपये की बिकवाली दर्ज की गई।
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