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Noida नोएडा। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा इकाई को करोड़ों रुपए के जीएसटी घोटाले में वांछित 50 हजार रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बीते शुक्रवार सेक्टर-20 कमिश्नरेट, गौतमबुद्धनगर थाना में दर्ज मुकदमे से संबंधित 50 हजार रुपए के पुरस्कार घोषित अपराधी तथा अन्य 3 अभियोगों में वांछित चल रहे अपराधी बलदेव उर्फ बल्ली को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
बलदेव उर्फ बल्ली, हिसार, हरियाणा के 679/13 डोगरान मौहल्ला थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जिसकी पहचान सतेंद्र कुमार के पुत्र के तौर पर हुई है। शुक्रवार को लगभग 7 बजे रविदास चौक, डोगरान मौहल्ला, हिसार, हरियाणा क्षेत्र से अपराधी को गिरफ्तार किया गया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा फरार/पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही के क्रम में राज कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, नोएडा के पर्यवेक्षण एवं नवेंदु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में निरीक्षक सचिन कुमार एवं उप निरीक्षक सनत कुमार, एसटीएफ फील्ड इकाई, नोएडा द्वारा टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।
अभिसूचना संकलन के दौरान ही एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम शुक्रवार को अपराधियों की पतारसी-सुरागरसी हेतु जनपद हिसार हरियाणा में भ्रमणशील थी कि एसटीएफ नोएडा की टीम को सूचना मिली कि अपराधी अपने घर हिसार हरियाणा में मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ नोएडा की टीम द्वारा तत्परतापूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए मिली गई सूचना के स्थान पर पहुंचकर थाना सेक्टर-20 कमिश्नरेट, गौतमबुद्धनगर की पुलिस के साथ अभियुक्त बलदेव उर्फ बल्ली, उपरोक्त को उक्त स्थल से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त बलदेव उर्फ बल्ली ने पूछताछ पर बताया कि उसकी उम्र लगभग 38 साल है और उसने वर्ष 2012 में पंजाब यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। उसने बताया कि वह मूलरूप से जनपद हिसार, हरियाणा का रहने वाला है। उसने वर्ष 2012 में हिसार में मेडिकल स्टोर खोला था, परंतु इसमें कोई लाभ न होने के कारण मेडिकल स्टोर को बंद कर दिया। उसके बाद वर्ष 2014 में हिसार में रहकर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करने लगा, और इसी दौरान दिल्ली का रहने वाला अर्चित गोयल पुरानी गाड़ी को खरीदने आया था। उसी समय उसकी जान-पहचान अर्चित गोयल से हो गई।
इसके बाद बल्ली ने पैसों के लालच में आकर अर्चित गोयल के साथ जीएसटी फ्रॉड करने का काम करना शुरू कर दिया। बल्ली ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर अलग-अलग लोगों के पैन कार्ड नंबर प्राप्त किए और उन व्यक्तियों के पैन कार्ड पर जीएसटी रजिस्टर्ड करा ली। इन पैन कार्डों पर बनाई गई 3500 से अधिक फर्जी फर्मों में करोड़ों रुपए के जीएसटी इनवॉइस काटकर टैक्स इनपुट लिया गया तथा ई-वे बिल तैयार करके करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी की गई।
यह जीएसटी घोटाला 15,000 करोड़ रुपए से अधिक का होने की जानकारी प्राप्त हुई थी। पत्रकार सौरभ द्विवेदी के पैन कार्ड पर बनाई गई फर्जी फर्म से करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी करने की सूचना पर उनके द्वारा थाना सेक्टर 20 कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पर मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद इस गैंग के कई अन्य सदस्य गिरफ्तार किए गए।
इसके अलावा इस गैंग के सदस्यों के विरुद्ध अन्य मुकदमे भी पंजीकृत हुए थे तथा थाना सेक्टर 20 पर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही करते हुए केस रजिस्टर किया गया था, लेकिन किसी भी अभियोग में अभियुक्त बलदेव उर्फ बल्ली की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इस अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु कनिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा 50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी को सेक्टर-20 पुलिस को सौंपा गया है। वहीं, मामले को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
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