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Starlink के 11 हजार सैटेलाइट दे रहे ग्लोबल कवरेज, IMC 2026 में बोलीं SpaceX की लॉरेन ड्रेयर

SHIDDHANT
7 Oct 2026 9:06 PM IST
Starlink के 11 हजार सैटेलाइट दे रहे ग्लोबल कवरेज, IMC 2026 में बोलीं SpaceX की लॉरेन ड्रेयर
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Delhi दिल्ली। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में SpaceX की Starlink Business Operations की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि वर्तमान में कक्षा में मौजूद लगभग 11 हजार Starlink सैटेलाइट दुनिया भर में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि Starlink का नेटवर्क घरों से लेकर चलते वाहनों, व्यवसायों, समुद्र और हवाई सेवाओं तक तेज और भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सत्र को संबोधित करते हुए ड्रेयर ने कहा कि Starlink की सैटेलाइट व्यवस्था का उद्देश्य केवल फिक्स्ड लोकेशन पर इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं है। कंपनी की तकनीक चलते वाहनों, जमीन पर संचालित मोबाइल व्यवसायों, जहाजों और विमानों जैसे विभिन्न उपयोगों के लिए भी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि Starlink का वैश्विक नेटवर्क उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाने में खास भूमिका निभा सकता है, जहां पारंपरिक टेलीकॉम नेटवर्क या फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाना कठिन है। कंपनी भारत में भी अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है और इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है।
भारत में बनाए 20 गेटवे साइट
लॉरेन ड्रेयर ने बताया कि Starlink ने भारत में 20 गेटवे साइट तैयार किए हैं, जिनमें सैकड़ों एंटेना लगाए गए हैं। कंपनी ने भारत की सुरक्षा और नियामकीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने ऑपरेशंस का ढांचा भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय यूजर्स का डेटा भारत के भीतर रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था बनाई गई है।
Starlink को भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवा देने के लिए लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन कमर्शियल सेवाएं शुरू करने के लिए अभी स्पेक्ट्रम और कुछ अंतिम सुरक्षा मंजूरियों की जरूरत है। कंपनी ने कहा है कि मंजूरी मिलते ही वह भारत में सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार है।
ड्रेयर ने भारत की डिजिटल प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने सस्ती डेटा सेवाओं और बड़े डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन दूरदराज क्षेत्रों तक अंतिम मील कनेक्टिविटी अब भी चुनौती बनी हुई है। Starlink को उम्मीद है कि सैटेलाइट इंटरनेट इस अंतर को कम करने में मदद कर सकता है।
उन्होंने SpaceX और भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के सहयोग का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक SpaceX ने भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों के लिए दो समर्पित मिशन और 19 राइडशेयर मिशन संचालित किए हैं।
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