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RCB विजय जश्न में मची भगदड़, 11 मौतें, फ्रेंचाइज़ी ने किया मुआवज़े का ऐलान
Shantanu Roy
5 Jun 2025 4:31 PM IST

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Bengaluru. बेंगलुरु। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें संस्करण में पहली बार खिताबी जीत हासिल करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) टीम के स्वागत में आयोजित समारोह एक दुखद हादसे में बदल गया। बुधवार को जब टीम अहमदाबाद से लौटकर बेंगलुरु पहुंची, तो लाखों की संख्या में प्रशंसक चिन्नास्वामी स्टेडियम और विधान सौधा के आसपास एकत्र हो गए। टीम की एक झलक पाने को बेताब प्रशंसकों ने व्यवस्था की हर सीमा लांघ दी, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
फैंस का जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि पुलिस को नियंत्रण बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ जगहों पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लेकिन इस बीच चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर प्रवेश द्वार पर ऐसी भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में अधिकतर युवा थे, जिनमें कुछ टीनएजर्स भी शामिल हैं।
हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार और आयोजनकर्ताओं की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे। प्रशंसकों की भारी भीड़ को देखते हुए न तो पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई और न ही आपातकालीन हालात से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए गए। फैंस किसी भी तरह से स्टेडियम के भीतर प्रवेश करने की कोशिश में दीवारों, पेड़ों, गाड़ियों और फेंसिंग तक पर चढ़ गए थे।
इस बीच RCB फ्रेंचाइज़ी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायल फैंस की सहायता के लिए 'RCB केयर्स' नामक एक विशेष राहत कोष स्थापित किया जा रहा है। फ्रेंचाइज़ी ने बयान जारी कर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और टीम अपने प्रशंसकों के साथ खड़ी है। RCB टीम को विधान सौधा में सम्मानित किया जाना था, जिसके बाद खिलाड़ियों को विक्ट्री परेड के जरिए स्टेडियम ले जाया जाना था। परेड के मार्ग पर लाखों की भीड़ मौजूद थी, लेकिन भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने में राज्य प्रशासन नाकाम रहा। पुलिस बल की सीमित तैनाती और आयोजन से पहले पर्याप्त योजना की कमी इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार मानी जा रही है।
हादसे के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बदइंतजामी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार ने एक फ्रेंचाइज़ी टीम के स्वागत के लिए तो भव्य आयोजन कर दिया लेकिन जनता की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर इस दुखद घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाया है और कहा है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 10 जून तय की है। हाईकोर्ट ने सवाल उठाया है कि ऐसे आयोजन की अनुमति किसने दी और क्या सुरक्षा उपाय किए गए थे। इस त्रासदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए केवल आयोजन नहीं, बल्कि ठोस सुरक्षा और प्रशासनिक योजना की भी आवश्यकता होती है। RCB की ऐतिहासिक जीत अब एक बड़े सवाल के घेरे में है – क्या फैंस की सुरक्षा से बड़ी कोई जीत हो सकती है?
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