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Araria. अररिया। भारत-नेपाल सीमा पर बुधवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की विशेष टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने नेपाल से भारत लाई जा रही दो क्विंटल (200 किलो) गांजा की खेप को जब्त किया। यह कार्रवाई समवाय जोगबनी के बीओपी तेलयारी कार्यक्षेत्र के कोचगामा गांव के पास की गई। हालांकि जवानों को देख तस्कर गांजा फेंककर फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक कार्रवाई सीमा स्तंभ संख्या 183 के पास भारत की सीमा से लगभग 100 मीटर अंदर की गई। जवानों ने मौके से गांजा जब्त कर आवश्यक औपचारिकता पूरी करने के बाद इसे जोगबनी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अब मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल का खुला बार्डर तस्करी और अराजक गतिविधियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार सख्ती बरत रही हैं। एसएसबी कमांडेंट महेंद्र प्रताप की पहल पर सीमा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में एसएसबी की 52वीं वाहिनी, सी कंपनी सिकटी तथा नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन, तस्करी रोकथाम और सुरक्षा खतरों पर चर्चा की। सिकटी कंपनी के एएसआई रमेश चंद्र और एपीएफ निरीक्षक खगेन्द्र छापवगेन्द्र की संयुक्त टीम ने जवानों के साथ नो मैन्स लैंड में स्थित पिलरों का निरीक्षण किया।
बैठक के बाद दोनों देशों के जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या 160 से 161 तक लगभग चार किलोमीटर क्षेत्र में संयुक्त गश्ती की। इस दौरान सीमा से गुजरने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि अराजक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए संयुक्त कार्रवाई और सहयोग आवश्यक है। संयुक्त पेट्रोलिंग में एसएसबी की ओर से बलबीर सिंह, सौरभ कुमार पांडे, राजेश कुमार प्रसाद शामिल रहे, वहीं नेपाल एपीएफ की ओर से चक्र बहादुर बस्नेत, देवेंद्र राजवंशी और कौशल खत्री समेत अन्य कार्मिकों ने भागीदारी की।
राजद नेता से मांगी गई एक लाख की रंगदारी
इसी बीच अररिया जिले में राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष यासीन अंसारी से रंगदारी मांगने और हत्या की धमकी देने का मामला भी सामने आया है। पीड़ित यासीन अंसारी, जो रामपुर दक्षिण वार्ड संख्या 10 के निवासी हैं, ने बताया कि 16 अगस्त की रात लगभग 11 बजे उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉलर ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की और कहा कि रकम नहीं देने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी। इसके बाद 17 अगस्त को सुबह 10:55 बजे फिर कॉल आया। कॉलर ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि, “कई बार कह चुका हूं, एक लाख रुपये पहुंचा दो, नहीं तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।” जब यासीन ने पूछा कि रकम कहां पहुंचानी है, तब कॉलर ने मो. हामीद तैय्यबी उर्फ मंटू अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि पैसे तुरंत उन्हें पहुंचा दो, अन्यथा हत्या करवा दी जाएगी। पीड़ित ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि यह पूरा षड्यंत्र मंटू अंसारी के इशारे पर रचा जा रहा है। यासीन ने यह भी बताया कि धमकी देने वाले ने खुद को मुखिया उर्फान का बॉडीगार्ड बताया। थाना अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तस्करी और अपराध पर सख्ती
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं। खुले बॉर्डर का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर गांजा, शराब और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी करते हैं। वहीं, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपराधियों से धमकियां मिलना क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है। एसएसबी की हालिया कार्रवाई से जहां तस्करी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, वहीं राजद नेता से रंगदारी की मांग ने पुलिस-प्रशासन की सतर्कता की परीक्षा ले ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में तस्करी और अपराधियों की गतिविधियां अब पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त मुहिम से ही थमी रह सकती हैं। सुरक्षा बलों ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी हाल में सीमा की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
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