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Jaisalmer जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर में LDC भर्ती परीक्षा मामले को लेकर पुलिस पर लगाए जा रहे कथित यातना के आरोपों पर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और इस पर किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। SP अभिषेक शिवहरे ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में किसी भी व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कान के पर्दे (ईयरड्रम) फटने जैसे आरोप सामने आए हैं, लेकिन जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने कान में चोट लगने की शिकायत की है, वह 6, 7 और 8 तारीख को पुलिस हिरासत में था, लेकिन उसने कान में दर्द की बात 11 तारीख को बताई। पुलिस अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हिरासत के दौरान ऐसी कोई गंभीर चोट लगी थी तो शिकायत पहले क्यों नहीं की गई। SP ने कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और हर पहलू की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया में केवल उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाया जा रहा है।
LDC भर्ती परीक्षा मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ लोगों ने हिरासत में मारपीट और यातना के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें। फिलहाल जैसलमेर पुलिस इस मामले में मिले तथ्यों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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