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Shimla. शिमला। पंचायत चुनाव-2026 से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने उन ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं, जो सृजन और पुनर्गठन के विवाद में फंसी थीं। यह कदम प्रदेश उच्च न्यायालय (HC) के आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि इन पंचायतों का सृजन या पुनर्गठन आगामी चुनावों में लागू नहीं माना जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन विवादित पंचायतों में मतदाता सूचियों को नए सिरे से अपडेट किया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो सके। अधिसूचना में मतदाता सूची में नाम जोडऩे या हटाने के लिए दावे और आपत्तियां 13 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया गया है। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 17 अप्रैल तक किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को अपील का अधिकार भी रहेगा। अपीलें 20 अप्रैल तक दाखिल की जा सकेंगी और उनका निपटारा 22 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा।
इसके बाद 24 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि पंचायत चुनाव से पहले सभी मतदाता सूचियों में पूर्णता और पारदर्शिता हो। निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि 1 अक्टूबर 2025 को योग्यता तिथि मानते हुए तैयार मतदाता सूचियों को जिला कार्यालय, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराया जाए। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुनरीक्षण प्राधिकारी उपलब्ध रहें और किसी भी प्रकार की छुट्टी या दौरे पर न जाएं, ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि यह विशेष पुनरीक्षण न केवल मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विवादित पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है।
उनका कहना है कि आयोग हर संभव प्रयास करेगा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से और बिना किसी बाधा के पूरी हो। इस विशेष पुनरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पंचायत चुनाव में सभी योग्य मतदाता मतदान कर सकें और कोई भी विवाद मतदाता सूची के कारण चुनाव परिणाम को प्रभावित न करे। इसके अलावा, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदाता सूची के निरीक्षण और दावे-आपत्तियों के निपटान में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें और मतदाता शिकायतों का त्वरित समाधान करें। निर्वाचन प्रक्रिया की इस तैयारी से यह स्पष्ट हो गया है कि HC के आदेशों का पालन किया जा रहा है और पंचायत चुनाव-2026 के लिए मतदाता सूची पूरी तरह से अद्यतन और प्रमाणिक रहेगी। इससे न केवल चुनाव प्रक्रिया सशक्त होगी, बल्कि मतदाता और चुनाव अधिकारियों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
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