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यूपी चुनाव से पहले राहुल गांधी के समर्थन में उतरी सपा, नेताओं ने बीजेपी पर साधा निशाना
jantaserishta.com
1 Sept 2026 1:47 PM IST

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लखनऊ: राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में दर्ज मुकदमे के बाद समाजवादी पार्टी के कई नेता उनके समर्थन में सामने आए हैं। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कथित शुद्धिकरण विवाद पर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है। सपा नेताओं ने बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने राहुल गांधी पर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का पलटवार किया।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो रही हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच अभी तक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक नजदीकी की चर्चा को फिर हवा दे दी है।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण का मामला सामने आया था। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे का जिक्र करते हुए छुआछूत और जातिगत भेदभाव को लेकर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने युवाओं के साथ संवाद के दौरान कहा था कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के साथ किस तरह की घटनाएं होती होंगी। उन्होंने अपने तर्क को समझाने के लिए चाय की दुकानों का उदाहरण भी दिया था।
इसके बाद हल्द्वानी निवासी अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पूरे मामले को जातिगत रूप दिया और इससे जुड़े लोगों को दलित विरोधी बताने की कोशिश की।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता वाल्मीकि समुदाय से जुड़े हैं और उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि जिस कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण हुआ, उसमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हुए थे और उसका संबंध किसी एक व्यक्ति या जाति से जोड़ना उचित नहीं है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया, जब मल्लिकार्जुन खरगे ने भी संसद में हल्द्वानी की घटना का मुद्दा उठाया था। खरगे के अनुसार, उनकी सभा के कुछ दिन बाद वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया था।
सपा के बड़े नेता राहुल के समर्थन में आए
राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उनका बचाव किया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ऐसे मामलों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उनके बयान में बीजेपी पर राजनीतिक रूप से घबराने का आरोप भी लगाया गया।
सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन ने भी राहुल गांधी का समर्थन करते हुए पूरे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर स्थान का शुद्धिकरण किया जाता है, तो यह मानसिकता और सामाजिक भेदभाव से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने पुराने घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ भी इस तरह की घटनाएं पहले हो चुकी हैं। सुमन ने इसे बीजेपी की कथित मानसिकता से जोड़ते हुए पार्टी पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने भी बीजेपी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी बीजेपी और उत्तराखंड सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी ने केवल खरगे से जुड़े कथित शुद्धिकरण के मुद्दे पर सवाल उठाया था, लेकिन अब उन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी एफआईआर को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सामाजिक भेदभाव के मुद्दे को उठाया था और उनके खिलाफ कार्रवाई करके राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
गौतम ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी और इस तरह की कार्रवाई से पार्टी पीछे नहीं हटेगी।
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