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सोनम वांगचुक खत्म करेंगे अनशन, सरकार को लिखा पत्र

Saba Naaz
22 July 2026 5:38 PM IST
सोनम वांगचुक खत्म करेंगे अनशन, सरकार को लिखा पत्र
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लद्दाख: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखकर अपना अनशन समाप्त करने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने अनशन खत्म करने से पहले सरकार के सामने एक अहम शर्त रखी है। वांगचुक ने मांग की है कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए।

सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में कहा कि वह सरकार से सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले युवाओं को किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन युवाओं का उद्देश्य किसी तरह की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज उठाना था।

वांगचुक ने पत्र में लिखा कि यदि सरकार की ओर से उन्हें यह भरोसा दिया जाता है तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा आश्वासन मिलने से यह संदेश जाएगा कि सरकार ने न केवल उनकी अपील को सुना है, बल्कि देश के लाखों युवाओं की भावनाओं और आकांक्षाओं को भी समझा है।

सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं के अधिकार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके आंदोलन को कई युवाओं और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिला है। इस दौरान उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

वांगचुक ने अपने पत्र में आंदोलन में शामिल युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना हर नागरिक का अधिकार है। ऐसे में आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई उनके मनोबल को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि युवाओं की आवाज को विरोध के रूप में नहीं बल्कि सुधार की मांग के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के युवा बेहतर शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी प्रणाली चाहते हैं, जो भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सोनम वांगचुक के पत्र के बाद अब सभी की नजर सरकार के रुख पर टिकी हुई है। यदि सरकार उनकी शर्त पर सहमति जताती है तो वह अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। वहीं, आंदोलन से जुड़े युवाओं और समर्थकों को भी उम्मीद है कि इस मामले में सकारात्मक समाधान निकलेगा।

वांगचुक ने यह भी संकेत दिया है कि उनका उद्देश्य किसी सरकार या संस्था के खिलाफ संघर्ष करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए संवाद स्थापित करना है। उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण आंदोलन और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही है।

अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या सोनम वांगचुक की शर्तों को स्वीकार किया जाता है। फिलहाल उनका अनशन और उससे जुड़ी मांगें देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

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