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Gujrat गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में शुक्रवार को पूजा-अर्चना की और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होकर श्रद्धालुओं के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है और यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत के इतिहास में सोमनाथ मंदिर की 1000 साल से अधिक की गौरवशाली विरासत का सम्मान भी करता है। प्रधानमंत्री के आगमन पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी भीड़ जुटी हुई थी। श्रद्धालुओं ने फूलों और झंडों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की थी, ताकि प्रधानमंत्री और उपस्थित लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
#WATCH | गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। 8 से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है, यह आस्था और भारत के इतिहास के 1000 साल पूरे होने का प्रतीक है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 10, 2026
(सोर्स: DD) pic.twitter.com/x7jP68SS16
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान मंदिर को विशेष सजावट और रोशनी से सजाया गया है। दीप प्रज्वलन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान इस पर्व की मुख्य विशेषताएं हैं। मंदिर के पुजारी और स्थानीय संत भी उपस्थित रहे और उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गर्भगृह में दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। इसके अलावा, यह मंदिर हमारे इतिहास की गाथाओं और देश की अखंडता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का गौरव केवल वास्तुकला या मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, विश्वास और राष्ट्रीय चेतना की पहचान है।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। यह मंदिर कई बार विनाश और पुनर्निर्माण की चुनौतियों से गुजरा है, लेकिन अपनी धार्मिक महत्ता और आस्था के कारण हमेशा जीवित रहा। स्वाभिमान पर्व का आयोजन इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करें और आने वाली पीढ़ियों को इसके महत्व से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि आस्था और संस्कृति केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय गौरव का आधार भी हैं।
इस पर्व के दौरान देशभर से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना में भाग लिया और पीएम मोदी के आशीर्वाद से उत्साहित हुए। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने गुजरात के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में उत्सव का माहौल बना दिया है। यह पर्व न केवल आस्था का जश्न है, बल्कि भारत के समृद्ध इतिहास और संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का माध्यम भी है। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे ने इस पर्व को और विशेष महत्व दिया है और श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था की भावना को और गहरा किया है। पर्व 11 जनवरी तक जारी रहेगा और इसके दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे सोमनाथ मंदिर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह उत्सवमय माहौल में डूबा रहेगा।
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