
x
Solan. सोलन। माता शूलिनी की आस्था का प्रतीक बना सोलन आज रेड गोल्ड शहर तो बन गया, लेकिन आधुनिकता के चोगा पहनकर वाहनों के बोझ तले दब गया। औद्योगिक विकास की ब्यार सोलन के बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ तक आई तो कसौली, चायल और बड़ोग टूरिस्ट प्लेस बनकर उभर आए। इस विकास में सडक़ें चौड़ी हो गईं लेकिन वाहन पार्किंग के लिए स्थल विकसित नहीं हो पाए। आलम यह है कि सडक़ों के किनारे वाहन खड़े हैं और वाहन चलाने से लेकर पैदल चलना तक मुश्किल है। सोलन जिला में ही पंजीकृत वाहनों की संख्या साढ़े तीन लाख का आंकडा क्रोस कर चुकी है। इस बीच वाहनों को खड़ा करना ही चुनौती बन गया है। पार्किंग के नाम पर बड़ी मुश्किल से चार से पांच सौ वाहन खड़े करने के लिए स्थान चिन्हित हो पाए हैं। इसके ठीक विपरीत कालका-शिमला सडक़ पर ही वीकेंड और टूरिस्ट सीजन में 50 हजार के करीब वाहन दौड़ रहे होते हैं। हिमाचल प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और पर्यटन केंद्र सोलन बनता जा रहा है। जिला में सोलन शहर, परवाणू, नालागढ़, अर्की जैसे कस्बे और कसौली, चायल, बड़ोग जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। यहां वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन पार्किंग व्यवस्था बेहाल है।
इसका नतीजा यह निकला है कि सोलन की सडक़ों पर अवैध पार्किंग, जाम, चालान और पर्यटक सीजन में अफरा तफरी देखने को मिलती है। सोलन शहर और आसपास औद्योगिक क्षेत्र परवाणू, बद्दी और नालागढ़ के कारण चार पहिया और दो पहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन स्थलों पर सीजन में बाहरी वाहनों का दबाव अलग से पड़ता है। मॉल रोड, राजगढ़ रोड, रेलवे रोड, सपरून आदि जगहों पर सडक़ किनारे पार्किंग से जाम लगा रहता है। पुलिस द्वारा यहां चालान काटकर ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाती है। सोलन शहर में 14 पार्किंग स्थल हैं। यहां पर पांच सौ वाहन पार्क किए जा सकते हैं। ओल्ड बस स्टैंड पर सेना की जमीन विनिमय का मामला 17 साल से अटका हुआ है। सिविल भूमि सेना को दी जा चुकी, बावजूद इसके पार्किंग नहीं बन पाई है। नगर निगम ने सडक़ किनारे निर्धारित स्थानों पर येलो लाइन योजना शुरू की है। पहले चरण में लगभग 700 मीटर क्षेत्र में करीब 150 वाहनों की सुविधा दी गई। लक्ष्य पूरे वार्ड स्तर पर लगभग 1500 वाहनों तक पहुंचाने का है। चंबाघाट से पुराना बस स्टैंड, सपरून और शामती क्षेत्रों में इस पर काम शुरू है। सोलन के रेलवे रोड में लगभग 100 वाहनों के लिए बहुमंजिला पार्किंग बनाई गई है।
Next Story





