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पूर्व सिविल सेवकों के पत्र के समर्थन में उतरीं स्मृति ईरानी, कही बड़ी बात
Tara Tandi
11 Oct 2026 12:42 PM IST

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नई दिल्ली: बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने शनिवार को कम से कम 124 पूर्व सिविल सेवकों द्वारा "भारत के नागरिकों" को लिखे गए खुले पत्र का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अनुभवी अधिकारी समझते हैं कि देश का लोकतांत्रिक ढांचा "अंधविश्वास पर नहीं चलता"।
जिन पूर्व अधिकारियों ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के समर्थन में यह पत्र लिखा है, वे पहले भारत की चुनावी प्रक्रिया में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने बिना किसी सबूत के चुनाव में "धांधली" (rigged) शब्द के इस्तेमाल की निंदा की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में स्मृति ईरानी ने पूछा: "क्या आपको सिस्टम पर शक है, या सिर्फ़ नतीजे पर?"
उन्होंने कहा, "एक बेबाक खुले पत्र में, 124 पूर्व IAS, IFS और एलाइड सर्विस अधिकारियों ने भारत के चुनाव आयोग और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' जैसी कानूनी प्रक्रिया का बचाव किया है। उनका संदेश विपक्ष की उन हताश कोशिशों की आलोचना करता है जिनसे हमारे संवैधानिक स्तंभों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।"
बीजेपी नेता ने आगे कहा, "कई दशकों तक चुनाव कराने के बाद, ये अनुभवी अधिकारी समझते हैं कि हमारा लोकतांत्रिक ढांचा अंधविश्वास पर नहीं चलता। यह वेरिफ़िएबल जांच, दोनों पार्टियों की सील और सख्त न्यायिक निगरानी पर आधारित है।"
स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत के लोग "विपक्ष की खोखली बातों" की असलियत समझते हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा, "जब चुनावी मशीनरी आपको जीत दिलाती है तो आप उसका जश्न मनाते हैं, लेकिन जैसे ही वोटिंग में आप हारते हैं, तो धांधली का रोना रोने लगते हैं।"
वहीं, पूर्व सिविल सेवकों के पत्र में कहा गया है: "हमने अपनी पूरी ज़िंदगी भारत में चुनाव कराए हैं या उनका अध्ययन किया है। हमने वोटर लिस्ट तैयार की, पोलिंग पार्टियों को ट्रेनिंग दी, स्ट्रॉन्ग रूम सील किए और वोटों की गिनती की निगरानी की। हम किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं। हम यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि अब बिना किसी सबूत के हमारे चुनावों के लिए 'धांधली' (rigged) शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है, और इसे बार-बार दोहराने से उस लोकतांत्रिक भरोसे को चोट पहुँचती है जो हम सभी का है।"
पत्र में आगे कहा गया, "अगर जिस सिस्टम को आप धांधली वाला कहते हैं, उसी ने आपको जीत दिलाई थी, तो खुद से पूछिए कि क्या आपको सिस्टम पर शक है या सिर्फ़ नतीजे पर।" इन नामों में पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल; केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के पूर्व सचिव जैसे आर. डी. कपूर, समीरेंद्र चटर्जी, गोपाल कृष्ण, विवेक भारद्वाज, आनंद कुमार; पूर्व राजदूत श्यामला बी. कौसिक, भास्वती मुखर्जी, योगेश के. गुप्ता, प्रभु दयाल, अनिल त्रिगुणायत, जे. के. त्रिपाठी, दीपक वोहरा; और इनके अलावा कई पूर्व विशेष सचिव, राज्यों के पूर्व मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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