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ठगी करने वाले गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार, 100 से ज्यादा जापानी लोगों को लगाया चूना, सीखी थी जापानी भाषा, ऐसे करते थे वारदात

jantaserishta.com
14 April 2021 10:24 AM GMT
ठगी करने वाले गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार, 100 से ज्यादा जापानी लोगों को लगाया चूना, सीखी थी जापानी भाषा, ऐसे करते थे वारदात
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पुलिस और साइबर सेल इनके कई बैंक खातों की जांच कर रही है.

यूपी पुलिस के गाजियाबाद में साइबर सेल को बड़ी सफलता हाथ लगी है. गाजियाबाद में साइबर सेल ने जापानी नागरिकों से ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले एक गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये गैंग लैपटॉप और कम्प्यूटर सिस्टम के सॉफ्टवेयर अपडेट करने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गैंग जापान के 100 से ज्यादा लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा चुका है. अब गाजियाबाद पुलिस और साइबर सेल इनके कई बैंक खातों की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस जांच के बाद इस गैंग से जुड़े कुछ और शातिर ठगों की गिरफ्तारी कर सकती है.
फर्जीवाड़ा करने के लिए इस गैंग के कुछ सदस्यों ने जापानी भाषाभी सीखी थी. सबसे पहले इन लोगों ने एक कंपनी से जापानी लोगों की लिस्ट ली जो पेंडिंग नेटवर्किंग और सॉप्टवेयर अपडेट करवाना चाहते थे. स्काइप और एक्स लाइट ऐप के जरिये जापान के लोगों को झांसा देते थे कि वे कम खर्च में सॉफ्टवेयर अपडेट करने वाली कंपनी में काम करते हैं.
गैंग के सदस्य जापान के लोगों ये यकीन दिलाते थे कि जब वे उनको रकम का भुकतान करेंगे तब उनकी कंपनी उन्हें कुछ रकम रिएम्बर्स करके देगी. इसकी एवज में वे गूगल पे के स्क्रेच कार्ड मंगवा लेते थे. फिर ये सॉफ्टवेयर को जापान के ही लोकल मार्केट से कस्टमर को खरीदवाने के बाद यह ठग उस सॉफ्टवेयर की key की डिटेल्स को कस्टमर से पूछ लेते थे या फिर लिंक भेजकर कम्प्यूटर हैक कर इस key की डिटेल पता कर किसी दूसरे कस्टमर को बेच देते थे. फिर फर्जी सिम और आईडी के जरिए ब्रोकर से रकम को भारतीय मुद्रा में बदलकर हड़प लेते थे.
गाजियाबाद पुलिस शुरुआती जांच के बाद शक जता रही है कि ये गैंग अब तक 100 से ज्यादा जापानी लोगों से लाखों का चूना लगा चुकी है. जांच में 15 जापानी पीड़ित पुलिस को मिले हैं. पुलिस अभी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि 2 लोग फरार हैं. इस मामले में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है. पुलिस जांच के बाद गैंग में शामिल बाकी सदस्यों पर कार्रवाई करेगी. फिलहाल पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बीते 1.5 साल से यह गैंग इस फर्जीवाड़े में जुटा था.
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