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एम्बुलेंस ड्राइवर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, मृत बच्ची को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराते पकड़े गए

Nil dhankar
17 April 2026 7:30 AM IST
एम्बुलेंस ड्राइवर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, मृत बच्ची को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराते पकड़े गए
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यूपी। गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सरकारी एम्बुलेंस से इलाज कराने आई बच्ची को निजी अस्पताल ले जाने के मामले में गुलरिहा पुलिस ने एम्बुलेंस चालक, ईएमटी, दो अस्पतालों के मैनेजर सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, ईएमटी की मदद से मरीज माफिया परिजनों को बरगलाकर मृत बच्ची का इलाज कराने के नाम पर निजी अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी में थे। सरकारी एम्बुलेंस के ईएमटी और चालक ने निजी अस्पताल से संपर्क कर मरीज को वहां भेजने की कोशिश की। बीआरडी के मेन गेट के पास स्थित शौचालय के बाहर निजी एम्बुलेंस में बच्ची को ले जाते समय गार्डों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

गुलरिहा पुलिस ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 14 अप्रैल को सिद्धार्थनगर जिले से गंभीर हालत में बच्ची को 108 सरकारी एम्बुलेंस से बीआरडी लाया गया था। 500 बेड के बाल रोग संस्थान में ईएमटी वेद प्रकाश और चालक राहुल ने बच्ची को दिखाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों बच्ची को बाहर ले आए और परिजनों से कहा कि उसकी हालत गंभीर है और वेंटिलेटर भी खाली नहीं है, इसलिए परिचित के निजी अस्पताल में भर्ती करा दें। डरे-सहमे परिजनों की सहमति मिलने पर ईएमटी वेद प्रकाश (निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज) और राहुल (निवासी कटुई, थाना ललिया, जिला बलरामपुर) ने तारामंडल स्थित सानवी अस्पताल के मैनेजर राहुल शर्मा को फोन किया। राहुल शर्मा ने दूरी का हवाला देकर फातिमा रोड स्थित गौरी अस्पताल के मैनेजर अंकित शुक्ला को जानकारी दी। इसी दौरान सानवी अस्पताल की एम्बुलेंस के चालक गुंजेश यादव ने बीआरडी गेट के पास स्थित शौचालय के बाहर बच्ची को निजी एम्बुलेंस में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन गार्डों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी।

पकड़े जाने के बाद आरोपितों ने बचने के लिए आनन-फानन में मृत बच्ची की दोबारा पर्ची तक कटवा दी, ताकि कार्रवाई से बच सकें। पूछताछ में सामने आया कि गैंगस्टर राहुल शर्मा (निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज) के खिलाफ 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसकी अंकित शुक्ला (निवासी पकड़ी मिसरा, थाना कटया, जिला गोपालगंज) से मिलीभगत है। दोनों देवरिया, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के कई सरकारी एम्बुलेंस चालकों से साठगांठ कर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजते थे। इसके बदले ईएमटी और चालक 5 से 10 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे। इसके बाद निजी एम्बुलेंस चालक गुंजेश यादव (निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जिला कुशीनगर) और अमन पांडेय (निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर) मरीजों को बीआरडी से निजी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करते थे।


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