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79 साल बाद पाकिस्तान से आए सिख परिवार को हाईकोर्ट से मिली राहत

Shantanu Roy
3 April 2026 3:55 PM IST
79 साल बाद पाकिस्तान से आए सिख परिवार को हाईकोर्ट से मिली राहत
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Market. मंडी। भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पाकिस्तान छोड़कर मंडी में बसने वाले एक सिख परिवार को 79 साल बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 1947 के विभाजन पीड़ित परिवार को लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामले में बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को 12 हफ्तों में परिवार के मुआवजा और पुनर्वास पर फैसला करना अनिवार्य होगा।
हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यह राहत किसी दया या अनुग्रह के तहत नहीं, बल्कि याचिकाकर्ताओं का कानूनी अधिकार है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कमलजीत सिंह और अन्य स्वर्गीय मेहाल सिंह के उत्तराधिकारियों की प्रार्थना को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया। यह परिवार 1947 में पाकिस्तान से भारत आया था और तब से लंबित मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहा था।
परिवार ने विस्थापित व्यक्तियों (दावों) अधिनियम, 1950 और विस्थापित व्यक्तियों (मुआवजा और पुनर्वास) अधिनियम के तहत भूमि आबंटन और मुआवजे की मांग की थी। इसके अलावा, सरकार द्वारा जारी इंडेम्निटी बॉन्ड के तहत भी परिवार ने अधिकार हासिल करने का प्रयास किया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब परिवार को उम्मीद है कि लंबित मामलों का निपटारा जल्द होगा। न्यायालय ने केंद्र सरकार के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर मुआवजा और पुनर्वास के मामले में निर्णय लें। इस आदेश को सिख परिवार और मंडी क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। 1947 के विभाजन में पाकिस्तान से आए कई परिवार आज भी न्याय की राह देख रहे हैं। इस फैसले से ऐसे परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण संदेश गया है।
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