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अवैध शराब की तस्करी रोकने गए TI की मौत से हड़कंप
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रक से कुचलकर थाना प्रभारी की जान लेने के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत और उसके साथी धीरज को दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में गोली लगी है। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम एक संदिग्ध ट्रक को रोकने पहुंची थी। इसी दौरान ट्रक ने कथित तौर पर दिलीप पुरी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को अलीराजपुर जिले से हिरासत में लिया गया। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के मुताबिक, आरोपी को देवास लाते समय उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
इसी मामले में सह-आरोपी धीरज को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, देवास के बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में धीरज ने भी हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह भी घायल हो गया।
दोनों मुठभेड़ अलग-अलग स्थानों पर हुईं। पुलिस अब अवैध शराब की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इस घटना ने प्रदेश में अवैध शराब तस्करी और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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