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दिल दहला देने वाला हत्याकांड: लिव-इन पार्टनर ने प्रेमिका और तीन साल की बच्ची की कर दी हत्या

Shantanu Roy
23 July 2025 5:45 PM IST
दिल दहला देने वाला हत्याकांड: लिव-इन पार्टनर ने प्रेमिका और तीन साल की बच्ची की कर दी हत्या
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जांच में जुटी पुलिस
Vidisha. विदिशा। जिले के गंजबासौदा कस्बे में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। वार्ड क्रमांक 8, मनसा पूर्ण हनुमान मंदिर के पास स्थित एक तीन मंजिला मकान में एक युवक ने अपनी लिव-इन पार्टनर और उसकी तीन साल की मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।
कमरे की दीवार पर मिला आरोपी का खौफनाक संदेश
घटना के बाद पुलिस को कमरे की दीवार पर एक संदेश लिखा मिला जिसमें आरोपी ने लिखा, "आई लव यू रामसखी। मैंने बोला था कि जीएंगे तो साथ, मरेंगे तो साथ। लेकिन रामसखी किसी और लड़के के साथ भागना चाहती थी। मैंने उसे कसम दी, तो वह बोली मर जा, इसलिए मैंने यह कदम उठाया। मां से कह देना कि बेटा तुम्हारा प्यार करता था।" यह संदेश साफ तौर पर एक जुनूनी और आत्मघाती मानसिकता को दर्शाता है, जो प्रेम के नाम पर दो जिंदगियां निगल गया।
झगड़े के बाद हुई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अनुज विश्वकर्मा (29) और मृतका रामसखी कुशवाहा (31) करीब सात महीने से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों ने लोगों को बताया था कि वे पति-पत्नी हैं और गंजबासौदा के एक तीन मंजिला मकान में ग्राउंड फ्लोर पर किराए से रह रहे थे।
सोमवार रात करीब 12 बजे अनुज शराब के नशे में घर लौटा, जहां रामसखी से उसका झगड़ा हो गया। उसने गुस्से में घर छोड़ दिया और आधे घंटे बाद लौटा तो उसने देखा कि रामसखी अपनी तीन साल की बेटी मानवी का गला दबा रही थी। गुस्से में आकर अनुज ने रसोई में रखा छोटा गैस सिलेंडर उठाकर रामसखी के सिर पर वार किया जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसने उसका गला दबाकर जान ले ली और फिर मासूम बच्ची को भी मौत के घाट उतार दिया।
सात साल की बच्ची हादसे की गवाह
घटना के वक्त रामसखी की सात साल की बड़ी बेटी तनु कमरे में ही मौजूद थी। वह अपनी मां और बहन के शवों के पास चुपचाप बैठी रही। जब मकान मालिक और अन्य किराएदार सुबह नीचे आए तो उन्होंने दरवाजा खुला पाया और अंदर का भयावह दृश्य देखकर पुलिस को सूचना दी। तनु को भी गहरे मानसिक आघात का सामना करना पड़ा है।
पड़ोसियों ने सुनी थी रात में चीख-पुकार
मकान की मालकिन शशि कुशवाहा ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे रामसखी के कमरे से झगड़े की आवाजें सुनाई दी थीं। थोड़ी देर बाद सब शांत हो गया, इसलिए उन्होंने यह मान लिया कि मामला सुलझ गया होगा। सुबह जब दरवाजा खुला देखा गया तो सब कुछ साफ हो गया।
रामसखी का पारिवारिक इतिहास
रामसखी के पिता गजराज सिंह कुशवाहा ने बताया कि वे महू गांव के रहने वाले हैं। रामसखी की पहली शादी 10 साल पहले बेतौली निवासी एक युवक से हुई थी, जिसकी कुछ समय बाद मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने बेटी की दूसरी शादी कोर्ट मैरिज के जरिये बादल सिंह कुशवाहा से करवाई। इस शादी से रामसखी को तीन बेटियां हुईं– तनु, मानवी और मनु। बादल सिंह से भी आए दिन झगड़े होते रहे और अंततः रामसखी करीब सात महीने पहले बिना कुछ बताए अनुज विश्वकर्मा के साथ रहने लगी। दो महीने पहले दोनों ने नया मकान किराए पर लिया था। तीसरी बेटी मनु नाना-नानी के साथ रह रही थी, जिससे वह इस भयानक त्रासदी से बच गई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी अनुज विश्वकर्मा की तलाश शुरू कर दी और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अनुज पहले भी हिंसक व्यवहार और शराब पीने को लेकर बदनाम रहा है।
पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पुलिस ने किया
रामसखी और मानवी के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने शवों को उनके परिवार को सौंपना चाहा, लेकिन मृतका के पिता ने आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कही। वे शव गांव तक ले जाने या अंतिम संस्कार करने की स्थिति में नहीं थे। इस परिस्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार अपने खर्च पर करवाया। यह घटना न केवल प्रेम और रिश्तों में बढ़ रही हिंसा को उजागर करती है, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी एक बड़ी चेतावनी है। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों को लेकर सामाजिक स्वीकृति के अभाव, पारिवारिक टूटन और मानसिक अस्थिरता जैसे कारक इस तरह की घटनाओं को जन्म दे रहे हैं।
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