भारत

पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका

jantaserishta.com
30 March 2024 5:50 PM GMT
पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका
x
पढ़े पूरी खबर
नई दिल्ली: साल 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों के पीछे बड़ी साजिश के मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की नियमित जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी गई. कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप "प्रथम दृष्टया सही" थे. अपने सामने मौजूद सबूतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने यह भी देखा कि आरोपी ताहिर हुसैन ने दंगों के लिए पैसे दिए थे. इतना ही नहीं उनकी सहभागिता और उकसाने की की वजह से दंगे भड़क उठे थे.
कोर्ट ने कहा कि यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा कि ताहिर हुसैन के खिलाफ लगाए गए आरोप आतंकवादी कृत्य नहीं थे, इसलिए गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम (यूएपीए) अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू नहीं होंगे. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने कहा, "सरकारी अभियोजक को सुनने और अंतिम रिपोर्ट या केस डायरी को देखने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोप (हुसैन के खिलाफ) प्रथम दृष्टया सच हैं."
विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसले का हवाला दिया था. इसके अनुसार, यूएपीए प्रावधान के तहत जमानत खारिज करना एक नियम है और जमानत देना एक अपवाद है. कोर्ट ने कहा, "यूएपीए की धारा 15 के तहत दी गई आतंकवादी कृत्य की परिभाषा के अंतर्गत आरोपी की हरकतें आ सकती हैं." इस मामले में तीन सह आरोपियों देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तन्हा को दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
इस मामले में गवाहों ने ताहिर हुसैन के खिलाफ बयान दिया था. इसमें कहा गया था कि कैसे आरोपी ने प्रदर्शनकारियों को भड़काया था. उनको अपनी घर की छत पर इकट्ठा किया और खुद पेट्रोल बम फेंकने के लिए प्रेरित किया था. कोर्ट ने कहा, "यह भी रिकॉर्ड में है कि आवेदक ने कथित घटनाओं से सिर्फ दो दिन पहले अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर जारी कराई थी. उसका इस्तेमाल किया था. उसके घर से इस्तेमाल किए गए 22 कारतूस बरामद किए गए थे."
बताते चलें कि दिल्ली दंगे के दौरान दयालपुर थाना क्षेत्र के मूंग नगर में गद्दे की एक दुकान में लूट और आगजनी करने के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन सहित दस लोगों के खिलाफ पिछले साल आरोप तय किया था. कोर्ट ने इस मामले में तीन लोगों को आरोपमुक्त भी किया था. मूंग नगर में इरशाद अली की गद्दे की दुकान में लूटपाट के बाद आगजनी कर दी गई थी. ये घटना 23 फरवरी 2020 को हुई थी.
उस वक्त पीड़ित अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे. अगले दिन इलाके का माहौल देखकर दुकान नहीं खोली. लेकिन किसी व्यक्ति ने दोपहर के समय उन्हें फ़ोन कर बताया कि दंगाइयों ने उनकी दुकान के शटर का ताला तोड़ कर लूटपाट की और फिर आग लगा दी. पीड़ित ने उस समय 10 लाख रुपए के सामान का नुकसान होने का दावा किया था. दंगे से जुड़े इस मामले में पुलिस ने छापेमारी कर 13 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था.
इनमें से ताहिर हुसैन को छोड़कर सभी आरोपियो को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. कड़कड़डूमा कोर्ट ने मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन पर लोगों को दंगा करने के लिए भड़काने का आरोप तय किया था. अन्य आरोपी शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान उर्फ़ अरशद, मोहम्मद आबिद, अरशद अहमद के खिलाफ दंगा करने के अलावा हथियार इस्तेमाल करने, लूटपाट और आगजनी करने सहित कई धाराओं में आरोप तय किए थे.
Next Story