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शरजील इमाम को 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत
जहानाबाद: दिल्ली दंगा मामले में साजिश के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद शरजील इमाम अंतरिम जमानत मिलने के बाद रविवार को बिहार के जहानाबाद स्थित अपने पैतृक गांव काको पहुंचे। दिल्ली की अदालत ने शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है। उनके गांव पहुंचने के बाद परिवार और करीबियों में खुशी का माहौल देखने को मिला। शरजील इमाम के भाई मुजम्मिल इमाम ने बताया कि उनके काको पहुंचने की जानकारी मिलते ही घर पर परिजनों और करीबियों की आवाजाही बढ़ गई। लंबे समय बाद परिवार के बीच पहुंचने के कारण घर का माहौल भावुक रहा। परिवार के सदस्यों ने अंतरिम जमानत को राहत भरा पल बताया है।
शरजील इमाम को मिली यह जमानत सीमित अवधि के लिए है। अदालत ने उन्हें चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के उद्देश्य से अंतरिम राहत दी है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया का पालन करना होगा। शरजील इमाम दिल्ली दंगा मामले से जुड़े कथित साजिश के आरोप में लंबे समय से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में यह अंतरिम जमानत मामले के गुण-दोष पर अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दी गई अस्थायी राहत है।
काको में शरजील के पहुंचने के बाद परिवार के सदस्य शादी की तैयारियों में जुटे हैं। उनके भाई के अनुसार, परिवार के लिए यह अवसर इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि शरजील को शादी समारोह में शामिल होने का मौका मिला है। घर पर रिश्तेदारों और परिचितों के आने-जाने का सिलसिला जारी है। अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान शरजील इमाम को अदालत की ओर से तय शर्तों का पालन करना होगा। फिलहाल वह अपने पैतृक गांव में परिवार के साथ समय बिताने और चचेरे भाई के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं।
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