
x
Jharkhand झारखण्ड: छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन झारखंड, रांची, छात्र आंदोलन, SFI, पुलिस कार्रवाई , Jharkhand, Ranchi, student protest, SFI, police actionइंडिया (SFI) ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। SFI ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए। SFI झारखंड के राज्य संयोजक दानिश ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि झारखंड सरकार को किसी भी तरह से ऐसा रवैया नहीं अपनाना चाहिए, जिससे छात्रों के अधिकार प्रभावित हों।
दानिश ने कहा कि SFI झारखंड का मानना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले। SFI नेता ने आरोप लगाया कि सरकार को छात्रों के आंदोलनों से निपटने के लिए सख्त रवैये की बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र की पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। दानिश ने कहा कि झारखंड सरकार को ऐसे किसी मॉडल का अनुसरण नहीं करना चाहिए, जिसमें छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जाए।
SFI ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी बात सुनी जाए। संगठन ने मांग की कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए। वहीं, छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी और छात्र संगठनों की ओर से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। SFI ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है। संगठन ने सरकार से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि उन की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
Next Story





