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ओम गर्ल्स हॉस्टल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 13 लोग हिरासत में

Shantanu Roy
7 Sept 2025 3:54 PM IST
ओम गर्ल्स हॉस्टल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 13 लोग हिरासत में
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Ranchi. रांची। झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया। रांची पुलिस ने इस मामले में 11 युवतियों समेत कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया है। मौके से कई मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया है। पुलिस इस रैकेट के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में सक्रिय रूप से जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लालपुर थाना क्षेत्र स्थित ओम गर्ल्स हॉस्टल में देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। सूचना की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 11 युवतियों और दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में ली गई लड़कियां मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और सभी का सत्यापन किया जा रहा है।


पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सह रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि रांची पुलिस ने संगठित रूप से चल रहे इस बड़े देह व्यापार गिरोह का खुलासा किया है। रैकेट का संचालन ओम गर्ल्स हॉस्टल से हो रहा था। सूचना मिली थी कि कुछ लोग हॉस्टल की आड़ में रांची में जिस्मफरोशी का धंधा चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच में सत्यता मिलने के बाद नगर पुलिस उपाधीक्षक (सिटी डीएसपी) केवी रमण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया। इस टीम ने लालपुर थाना क्षेत्र स्थित ओम गर्ल्स हॉस्टल में छापेमारी कर 11 लड़कियों को हिरासत में लिया। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि लड़कियों को हॉस्टल में रखा जाता था और वहीं से उन्हें विभिन्न जगहों पर ग्राहकों के पास भेजा जाता था। पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिलने की संभावना है कि रैकेट से जुड़े अन्य लोग और इसके नेटवर्क का खुलासा होगा। एसएसपी ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में रांची पुलिस ने होटल में चलने वाले देह व्यापार गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद रैकेट संचालक अपना ठिकाना बदल रहे थे और इसी क्रम में जानकारी मिली कि अब हॉस्टल के जरिए यह रैकेट संचालित किया जा रहा है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि पूरे रैकेट में हॉस्टल संचालक की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर संचालक की भूमिका पाई जाती है, तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस को यह जानकारी मिली है कि रैकेट का संचालन मुख्य रूप से एक महिला के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि हिरासत में ली गई लड़कियों का इलाज और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उनके परिवार वालों और संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई है। पुलिस गहन जांच के दौरान रैकेट के सरगना की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने की योजना बना रही है।
रांची पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से काम कर रहा था। हॉस्टल की आड़ में लड़कियों को रखा जाता था और उन्हें ग्राहकों के पास भेजा जाता था। पुलिस का कहना है कि इस रैकेट के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करने से और कई लड़कियों को बचाया जा सकता है। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं और पुलिस को ऐसे मामलों में सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के गिरोह समाज में बड़े खतरे का कारण बनते हैं और इनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी हिरासत में ली गई लड़कियों का मानवाधिकारों के अनुसार पालन किया जा रहा है और उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुँचाया जा रहा है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि गिरोह के अन्य सदस्य किन जगहों पर सक्रिय हैं और उनके नेटवर्क को कैसे समाप्त किया जा सकता है। एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने कहा कि यह रैकेट पूरी तरह से संगठित था और इसके संचालन में कई लोग शामिल थे। गिरोह का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ कमाना था। पुलिस अब इस रैकेट के पीछे छिपे अन्य सदस्यों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
रांची पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई अन्य बड़े शहरों में संचालित गिरोहों के लिए चेतावनी है। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है और समय-समय पर सख्त कार्रवाई कर रही है। यह कदम सामाजिक सुरक्षा और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस मामले में हिरासत में ली गई लड़कियों के साथ मिलकर अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान भी की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रैकेट का नेटवर्क पूरी तरह से उजागर हो और भविष्य में ऐसे अपराध को रोका जा सके।
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