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विवाद
Dhaka (Bangladesh) ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश की राजधानी ढाका सोमवार को छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़पों से दहल उठी। यह झड़प ढाका विश्वविद्यालय और ढाका कॉलेज के छात्रों के बीच हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए, जिनमें पत्रकार और राहगीर भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया, लेकिन घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। घटना शाहनवाज छात्रावास के सामने स्थित कुछ दुकानों को लेकर शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों संस्थानों के छात्र किसी दुकान के स्वामित्व और उपयोग को लेकर बहस में उलझ गए, जो जल्द ही मारपीट और पथराव में बदल गई। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और स्थिति हिंसक हो गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, झड़प में कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, मौके पर खबर कवर कर रहे कुछ पत्रकार भी चोटिल हुए। आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने अब तक स्थिति को नियंत्रण में बताया है, हालांकि क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की फिर से हिंसा न भड़क सके। ढाका विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वह इस घटना की आंतरिक जांच समिति गठित करेगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों संस्थानों के छात्रों को शांत रहने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई है। ढाका कॉलेज प्रशासन ने भी घटना पर चिंता जताई है और कहा है कि हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि दोषियों की पहचान कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठनों ने इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शुरुआती विवाद को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते स्थिति बिगड़ती चली गई। वहीं, ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने सुरक्षा की मांग की है और कहा कि उन्हें हॉस्टल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल और निगरानी की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह झड़प पूरी तरह से स्थानीय विवाद से शुरू हुई थी, लेकिन इसमें बाहरी तत्वों के शामिल होने की भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो की जांच की जा रही है ताकि उपद्रव फैलाने वालों की पहचान की जा सके। घटना के बाद ढाका विश्वविद्यालय के आसपास का इलाका अर्धसैनिक बलों और पुलिस की निगरानी में है। शहर में अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।
इस बीच, कई छात्र संगठनों और बुद्धिजीवियों ने सरकार से अपील की है कि वह छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा और असहिष्णुता को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। उनका कहना है कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा और शोध के केंद्र होने चाहिए, न कि संघर्ष और राजनीतिक हिंसा के मैदान। ढाका में इस तरह की हिंसक झड़पें नई नहीं हैं, लेकिन इस बार की घटना ने एक बार फिर छात्र राजनीति और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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