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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के एक वरिष्ठ सहायक को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर ट्रैक्टर की सब्सिडी का लंबित बिल जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद गोपनीय सत्यापन कराया और फिर जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
ट्रैक्टर की सब्सिडी जारी करने के बदले मांगे पैसे
एसीबी के अनुसार, गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान इरशाद अहमद पीर के रूप में हुई है। वह हंदवाड़ा स्थित कृषि उपमंडल कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत है। मामले में एसीबी पुलिस स्टेशन बारामूला को एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके भाई ने एचएडीपी योजना के तहत ट्रैक्टर लिया था, जिसका सब्सिडी बिल कृषि विभाग के कार्यालय में लंबित था। आरोप है कि संबंधित वरिष्ठ सहायक ने इस बिल को जारी करने के बदले शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने कराया गोपनीय सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद एसीबी बारामूला ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच एजेंसी के अनुसार, सत्यापन के दौरान कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद शिकायत और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। एसीबी पुलिस स्टेशन बारामूला में 12 अक्टूबर 2026 को प्रकरण क्रमांक 06/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा
मामला दर्ज करने के बाद एसीबी ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में विशेष ट्रैप टीम गठित की। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी वरिष्ठ सहायक को कथित तौर पर 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ लिया। एसीबी के मुताबिक, रिश्वत की पूरी रकम आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई। कार्रवाई के दौरान अन्य संबंधित साक्ष्य भी जुटाए गए।
आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
एसीबी ने आरोपी इरशाद अहमद पीर को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी अब प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। शिकायतकर्ता के भाई द्वारा एचएडीपी योजना के तहत लिए गए ट्रैक्टर के सब्सिडी बिल को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप इस मामले का मुख्य आधार है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जांच जारी है।
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