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हेडमास्टर को कुर्ता पायजामा में देख भड़के, अब IAS अफसर ने कही यह बात, वीडियो वायरल

jantaserishta.com
14 July 2022 8:12 AM GMT
हेडमास्टर को कुर्ता पायजामा में देख भड़के, अब IAS अफसर ने कही यह बात, वीडियो वायरल
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न्यूज़ क्रेडिट: आजतक



नई दिल्ली: बिहार के लखीसराय जिले के डीएम और IAS संजय कुमार सिंह ने अपने विवादित वीडियो पर सफाई देने के लिए एक नया वीडियो जारी किया है. बता दें कि कपड़ों की वजह से हेडमास्टर को कैमरे के सामने बुरी तरह डांटने वाले डीएम की पिछले कुछ दिनों से काफी आलोचना हो रही है. असल में IAS संजय कुमार लखीसराय के कन्या प्राथमिक विद्यालय बालगुदर में जांच के लिए गए थे और प्रिंसिपल निर्भय कुमार सिंह को कुर्ते-पायजामे में देखकर भड़क गए. डीएम टीवी कैमरे के सामने ही प्रिंसिपल को सस्पेंड करने और वेतन रोकने का आदेश देने लगे.
IAS संजय कुमार सिंह ने प्रिंसिपल के कुर्ते-पायजामे में होने की वजह से कहा था कि वे नेता लग रहे हैं, टीचर बिल्कुल नहीं लग रहे हैं. इन कपड़ों में उन्हें स्कूल नहीं आना चाहिए. डीएम ने प्रिंसिपल को सस्पेंड करने की बात भी कह दी.
अब डीएम और IAS संजय कुमार सिंह ने ट्विटर अकाउंट @collectorlak (Dist Admn Lakhisarai) से एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में संजय कुमार सिंह यह स्वीकार करते हैं वे प्रिंसिपल पर भड़क गए थे, लेकिन फिर कहते हैं कि असल में उन्हें कुर्ते-पायजामे से दिक्कत नहीं थी.
हेडमास्टर से IAS संजय कुमार सिंह के व्यवहार की कई सीनियर अफसरों ने भी आलोचना की थी. ट्विटर पर कई IAS-IPS अफसरों ने लिखा था कि उनका बर्ताव एक अफसर जैसा नहीं था. कई अधिकारियों ने संजय कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
वीडियो में डीएम कहते हैं- 'मुझे कुर्ता पजामा से कोई विरोध नहीं है. लेकिन जिस ढंग से उन्होंने पहना था, कुर्ते के 2 बटन खुले थे. उन्होंने गमछा भी इस तरह रखा था जो आदर्श स्थापित नहीं कर रहा था. उनकी वेशभूषा ऐसी नहीं थी कि बच्चों के बीच आदर्श शिक्षक की तरह लगे. ऐसे वे फ्री टाइम में कुछ भी पहनने को स्वतंत्र हैं. लेकिन जब स्कूल में आए तो पहनावे पर जरूर गौर करें. अन्यथा स्कूल में शिक्षण कार्य के लिए न आएं. दर्शकों की संवेदनशीलता की कद्र करता हूं, लेकिन वे छोटा सा क्लिप न देखें, पूरा देखेंगे तो सही स्थिति का अंदाजा हो जाएगा.'
वहीं, संजय कुमार सिंह कहते हैं कि स्कूल में उन्होंने काफी अव्यवस्था देखी थी. सिर्फ प्रिंसिपल के कमरे में फैन लगे थे, जबकि क्लासरूम में बच्चों के लिए फैन नहीं लगे थे. लाइट्स भी नहीं थी. प्रिसिंपल पढ़ाने को लेकर तत्पर भी नजर नहीं आ रहे थे.
1985 बैच के IAS अधिकारी संजीव गुप्ता ने इसे कोलोनियल मानसिकता बताया था. IPS अरुण बोथरा ने सवाल किया कि अगर बच्चे के तौर पर आपके सामने आपके टीचर की बेइज्जती होगी तो आपको कैसा लगेगा? IPS आरके विज ने डीएम के व्यवहार को अनजस्टिफाईड और अनवारंटेड बताया. IRS सुग्रीव मीना ने कहा- मैकाले का बेटा और तुगलकी फरमान. वीडियो को लेकर जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने बिहार के सीएम से कहा- लखीसराय के अपने इस बदतमीज DM को तत्काल सस्पेंड कीजिए!



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