भारत

सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, उखरुल से UNLF के 5 संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार

SHIDDHANT
17 Oct 2026 7:54 PM IST
सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, उखरुल से UNLF के 5 संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
x
जी-5 गठबंधन में पांच उग्रवादी संगठन शामिल
कोलकाता। असम राइफल्स के जवानों ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में मणिपुर के उखरुल जिले से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के पांच संदिग्ध सदस्यों को पकड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में यह कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि ये पांचों, जी-5 समूह के सदस्य हैं।
जी-5 एक गुप्त गठबंधन है, जिसमें पांच विद्रोही गुट- यूएनएलएफ, केसीपी, केवाईकेएल, प्रेपैक और प्रेपैक (प्रो) शामिल हैं। यूएनएलएफ मणिपुर की घाटी में सक्रिय सबसे पुराना विद्रोही गुट है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी। 2023 में इस गुट ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ एक शांति समझौता किया, जिसके तहत वे हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सहमत हुए। एक अधिकारी ने बताया, "शांति समझौते के बावजूद यूएनएलएफ के कुछ गुट, जी-5 समूह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लोगों को धमकियां देने और जबरन वसूली की मांग करने में शामिल हैं। इनमें से कुछ सदस्य अभी भारत-म्यांमार सीमा के पास सक्रिय हैं।
हाल ही में सुरक्षा बलों ने जी-5 के सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इन सदस्यों ने 'शुमांग लीला' मंडलियों और 'संगाई महोत्सव' में भाग लेने वालों पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। ऐतिहासिक 'शुमांग लीला' नाटक मंडलियां समाज में नशीले पदार्थों, एचआईवी और उग्रवाद जैसी कई बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम करती हैं। ऐसी भी जानकारी है कि यूएनएलएफ के कुछ कैडरों ने पिछले तीन वर्षों से राज्य में चल रही जातीय हिंसा में हिस्सा लिया है। उन पर जी-5 के उन गुटों को लॉजिस्टिक और अन्य तरह की मदद मुहैया कराने का भी आरोप है, जिन्होंने सुरक्षा बलों पर सीधे हमले किए हैं।
इस वर्ष जुलाई में म्यांमार सीमा के पास उखरुल जिले में असम राइफल्स के काफिले पर हमला हुआ था। इस हमले में दो सैनिक शहीद हो गए। हालांकि किसी भी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इसमें जी-5 के शामिल होने की संभावना है। अधिकारी ने बताया, "हमने उनसे कुछ सामग्री जब्त की है, जिसकी जांच की जा रही है। जी-5 के कई सदस्य राज्य के युवाओं को भर्ती करने और उन्हें ट्रेनिंग के लिए म्यांमार स्थित कैंपों में भेजने का काम भी कर रहे हैं। हमने हाल ही में ऐसे ही एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।"
Next Story