
भारत | भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अपनी नीतियों में सुधार की योजना बनाई है। SEBI के चेयरमैन तुहीन कांता पांडे ने कहा कि वे पुरानी और अप्रचलित नीतियों को समाप्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं, जबकि जो नीतियां जरूरी हैं, उन्हें तर्कसंगत रूप से अद्यतन किया जाएगा। पांडे ने यह बयान एक प्रेस वार्ता में दिया, जहां उन्होंने भारतीय वित्तीय बाजार को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में SEBI के प्रयासों को स्पष्ट किया।
पांडे ने बताया कि SEBI का लक्ष्य है कि वह अपनी नीतियों और नियमों को सरल, स्पष्ट और बाजार की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाए। इसके तहत जो पुरानी नीतियां और प्रक्रियाएं हैं, जो अब प्रभावी नहीं हैं, उन्हें हटाने की योजना बनाई गई है। साथ ही, जहां जरूरत हो, वहां आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि SEBI की प्राथमिकता भारतीय बाजार की स्थिरता और निवेशकों के हितों को सुरक्षित करना है। इस दिशा में सुधारों के लिए SEBI पहले ही कई कदम उठा चुका है और आगे भी लगातार ऐसे कदम उठाता रहेगा, ताकि भारतीय पूंजी बाजार का विश्वास और विकास जारी रहे।
SEBI की इस पहल को लेकर बाजार के विभिन्न विश्लेषकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि यह कदम निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।





