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SDM ने खुद को बचाने फर्जी पत्नी को लाया सामने, खुली पोल

Nilmani Pal
24 Oct 2025 7:57 AM IST
SDM ने खुद को बचाने फर्जी पत्नी को लाया सामने, खुली पोल
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राजस्थान। राजस्थान में एक फ्यूल स्टेशन पर एक सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) से जुड़े थप्पड़ कांड में एक नया मोड़ आ गया है. पता चला है कि जिस महिला ने खुद को अधिकारी की पत्नी बताकर FIR दर्ज कराई थी, वह कानूनी तौर पर उनकी पत्नी नहीं है. इस मामले ने राजनीतिक ध्यान खींचा है और SDM छोटू लाल शर्मा के विवादित अतीत को भी सामने ला दिया है, जिनका सस्पेंशन, कानूनी मामलों और घरेलू झगड़ों का इतिहास रहा है.यह घटना मंगलवार को हुई, जब राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के अधिकारी SDM अपनी कार में सीएनजी भरवाने के लिए भीलवाड़ा के जसवंतपुरा के पास एक फ्यूल स्टेशन पर रुके थे.

एसडीएम छोटू लाल शर्मा फ्यूल स्टेशन के स्टाफ पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहते हैं, "मैं SDM हूं, मैं यहाँ का SDM हूं... पहले तेरेको पता नहीं गाड़ी लगी हुई है." इसके बाद उन्हें वर्कर के साथ हाथापाई करते हुए देखा गया. इसी बीच, पेट्रोल पंप का एक और कर्मचारी बीच में आता है और SDM उसे थप्पड़ मार देते हैं. हालांकि, कर्मचारी भी पीछे नहीं हटता और उन्हें वापस थप्पड़ मार देता है. पूरी घटना वायरल वीडियो में देखी जा सकती है. घटना के विजुअल्स वायरल होने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने SDM के इस बुरे बर्ताव की आलोचना की और उन्हें नौकरी से निकालने की मांग की.

घटना के बाद, दीपिका व्यास नाम की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसने खुद को SDM की पत्नी बताया. उसने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उसे गलत तरीके से घूरा, आंख मारी और गंदे कमेंट्स किए, जिससे उनके पति एसडीएम छोटू लाल शर्मा गुस्सा हो गए. इसके बाद, ऑफिसर ने स्टाफ से झगड़ा किया. व्यास ने अपनी शिकायत में कहा, "जो आदमी पेट्रोल भर रहा था, उसने मुझे आंख मारी, जिससे मेरे पति गुस्सा हो गए. फिर मेरे पति बाहर निकले और दो लोगों ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया. पेट्रोल पंप का मालिक भी मौके पर आ गया और हमें गालियां देने लगा."

इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और इस मामले में पेट्रोल पंप के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया. अब मामले में नया अपडेट आया है कि व्यास SDM की कानूनी तौर पर शादीशुदा पत्नी नहीं हैं. सूत्रों ने बताया कि अधिकारी की शादी पूनम शर्मा से हुई है, जो कथित तौर पर घर से निकाले जाने के बाद अपने बच्चों के साथ अलग रह रही हैं. एसडीएम के खिलाफ पूनम शिकायत भी दर्ज करवा चुकी हैं. वे अपना गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. इस ब्यूरोक्रेट का अब तक का करियर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है, उन्हें तीन बार उनके पद से हटाया जा चुका है. उन्होंने भीलवाड़ा जिले के मंडल सबडिवीजन में दो बार SDM के तौर पर काम किया है. साल 2017 में, सरकार के एक आउटरीच कैंपेन के दौरान, तत्कालीन पंचायत समिति विकास अधिकारी के साथ सार्वजनिक झगड़े के बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया था. उसी साल बाद में, राज्य कार्मिक विभाग के आदेशों के बाद, जिंदल शाह लिमिटेड की माइनिंग गतिविधियों से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर उनके खिलाफ फिर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई.

साल 2018 में टोंक में SDM के तौर पर काम करते हुए, शर्मा पर अपने घर पर अपने चपरासी पर हमला करने का आरोप लगा था. आरोप था कि चपरासी SDM के घर पहुंचाने के लिए रखी रिश्वत की रकम लेकर भाग गया था. इस घटना के बाद टोंक में प्रोटेस्ट हुए, जिसके बाद शर्मा को उनके पद से हटा दिया गया था.


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