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देशभर में 'वोट बचाओ' अभियान, कांग्रेस ने बनाए AICC ऑब्जर्वर

Tara Tandi
17 Oct 2026 12:44 PM IST
देशभर में वोट बचाओ अभियान, कांग्रेस ने बनाए AICC ऑब्जर्वर
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नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) ने जिलों के समूहों में "वोट बचाओ – देश बचाओ" अभियान की देखरेख के लिए बड़ी संख्या में पार्टी पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर) की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंजूरी दे दी है और ये तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
यह घोषणा कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी एक प्रेस बयान के माध्यम से की गई।
बयान में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में अभियान की निगरानी और देखरेख के लिए तैनात किया जाएगा।
इस उद्देश्य के लिए 208 नेताओं की एक विस्तृत सूची जारी की गई है।
नियुक्त किए गए नेताओं में अधीर रंजन चौधरी, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोराट, एन. रघुवीरा रेड्डी, जगदीश ठाकोर, कमलेश्वर पटेल, नबाम तुकी, के. सुरेश, राजीव शुक्ला, अखिलेश प्रसाद सिंह, फूलो देवी नेताम, चंद्रकांत हंडोरे, गुरदीप सिंह सप्पल, पल्लम राजू, जी. रुद्र राजू, यशोमति ठाकुर, आरिफ नसीम खान, सुदीप रॉय बर्मन, अमी याज्ञनिक, सी.पी. जोशी, पृथ्वीराज चव्हाण, एच.के. पाटिल, आर.सी. खुंटिया, रघु शर्मा, विवेक बंसल, कृष्णा तीरथ, अजय कुमार लल्लू, नाना पटोले, अजय कुमार, कुलदीप राठौर और कई अन्य शामिल हैं।
इस सूची में अरुण यादव, अशोक तंवर, भरतसिंह सोलंकी, परेश धनानी, कुलजीत सिंह नागरा, गुरजीत सिंह औजला, सलेंग संगमा, मल्लू रवि, रेकिबुद्दीन अहमद जैसे विभिन्न राज्यों के कई अन्य नेता भी शामिल हैं।
कांग्रेस "वोट बचाओ – देश बचाओ" अभियान को और तेज कर रही है। नए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक जिला स्तर पर इस अभियान के क्रियान्वयन में समन्वय और देखरेख करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस कदम का उद्देश्य पार्टी की संगठनात्मक पहुंच को मजबूत करना और पूरे देश में अभियान की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पर्यवेक्षक राज्य इकाइयों के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि चुनाव प्रचार के संदेश को बेहतर बनाया जा सके, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके और संगठन की कमियों को दूर किया जा सके।
इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षकों की तैनाती यह दिखाती है कि कांग्रेस महत्वपूर्ण राजनीतिक लड़ाइयों से पहले अपने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना चाहती है और अपनी पहुंच का विस्तार करना चाहती है।
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