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सत्यम मिश्रा को मिली मंदिर CEO की जिम्मेदारी
Varanasi. वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। शासन ने 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी सत्यम मिश्रा को काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। शासन की ओर से जारी आदेश में पांच अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती की जानकारी दी गई है। इसमें सत्यम मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है।
प्रयागराज से वाराणसी भेजे गए सत्यम मिश्रा
सत्यम मिश्रा इससे पहले प्रयागराज में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात थे। महाकुंभ के दौरान नगर प्रशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका अहम रही थी। प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें अब विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कई जिलों में संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
सत्यम मिश्रा का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है। वह बरेली, गाजीपुर, महाराजगंज, चित्रकूट और रामपुर जैसे जिलों में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह मुरादाबाद में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। राजस्व, विकास कार्य और प्रशासनिक मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच बड़ी जिम्मेदारी
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू रखना, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, दर्शन व्यवस्था और विशिष्ट क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी CEO की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
चार अन्य अधिकारियों की भी तैनाती
शासन के आदेश के अनुसार चार अन्य अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। मंगलेश दुबे को अपर जिलाधिकारी (नगर) प्रयागराज का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं फिरोजाबाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रहे अरविंद कुमार द्विवेदी को संयुक्त सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण बनाया गया है। वाराणसी नगर निगम में अपर नगर आयुक्त रहीं सीमा पांडेय को फिरोजाबाद में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के पद पर भेजा गया है।
अभय कुमार पांडेय का तबादला आदेश निरस्त
कानपुर विकास प्राधिकरण में तैनात अभय कुमार पांडेय के तबादले को शासन ने निरस्त कर दिया है। उन्हें कानपुर विकास प्राधिकरण में ही बने रहने का आदेश दिया गया है। प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यभार संभालना होगा।
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