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Gujarat गुजरात: जामनगर में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और सनातन संत समाज के नेतृत्व में विभिन्न संतों और महंतों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में संसद परिसर के मकर द्वार के सामने हुई एक कथित घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान आनंदश्री जगद्गुरु आचार्य श्री कृष्णमुनि महाराज ने कहा कि संसद के मकर द्वार के सामने कुछ सांसदों ने साधु का वेश धारण कर ऐसा कृत्य किया, जिससे संत समाज, हिंदू धर्म और करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के अनुरूप नहीं है।
कृष्णमुनि महाराज ने कहा कि ऐसे लोगों को देश की जनता का प्रतिनिधित्व करने का नैतिक अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस प्रकार का आचरण करने वाले लोगों को संसद में बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी संदेश को राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए संत समाज ने जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद और सनातन संत समाज से जुड़े कई संत, महंत और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक प्रतीकों और संत परंपरा के सम्मान की बात करते हुए संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारी पक्ष के दावे हैं। इस मामले में संबंधित सांसदों या अन्य पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय हो सकती है।
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