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जेएनयू में विवादित नारों पर साजिद रशीदी की मांग, 'देशविरोधी गतिविधियों पर हो सख्त कार्रवाई'

jantaserishta.com
25 Oct 2026 4:52 PM IST
जेएनयू में विवादित नारों पर साजिद रशीदी की मांग, देशविरोधी गतिविधियों पर हो सख्त कार्रवाई
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नई दिल्‍ली: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि जेएनयू हमेशा से विवादों में घिरा रहा है। जेएनयू से निकले लोग खुद को नास्तिक या धर्म को न मानने वाला मानते हैं। रशीदी ने यह भी कहा, "उनका जीवन किसी जानवर से बेहतर नहीं है।" उन्‍होंने यह प्रतिक्रिया जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुए उस हालिया घटनाक्रम पर दी है, जिसमें जेएनयू परिसर में विवादित नारे लगाए गए।
साजिद रशीदी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, "जेएनयू से निकले लोग खुद को नास्तिक या धर्म को न मानने वाला मानते हैं। वे किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करते, जो व्यक्ति धार्मिक नहीं होता, वह किसी के प्रति वफादार नहीं होता। उनका जीवन किसी जानवर से बेहतर नहीं है। वे मां को मां, बहन को बहन या पत्नी को पत्नी के रूप में सम्मान नहीं देते। जो ईश्वर को नहीं मानता, वह किसी इंसान को कैसे मानेगा या कैसे उसका सम्मान करेगा? इसलिए, उनकी तरफ से ऐसे नारे आना स्वाभाविक है। ये वामपंथी (लेफ्टिस्ट) हैं, जिनकी ऐसी ही विचारधारा है। आपने हाल ही में जंतर-मंतर पर देखा होगा कि कैसे संविधान के टुकड़े-टुकड़े किए गए, और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।"
उन्‍होंने कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल जेएनयू के लोग ही कर सकते हैं। ऐसे लोग चाहे अमेरिका में बैठे हों या भारत में, इनकी सोच एक जैसी ही है कि देश में अफरातफरी और दंगे हों, देश गृह युद्ध की तरफ जाए। देश में ऐसे माहौल बन जाए कि लेफ्टिस्ट को कहीं न कहीं जगह मिल जाए और सियासत में आ जाएं। इसीलिए कहता हूं कि सरकार को गंभीर होना चाहिए। नेहा बोरा और अभिजीत दिपके जैसे लोगों को पकड़कर थर्ड डिग्री टॉर्चर किया जाए। इनसे पूछताछ हो। इनके रिश्‍ते आईएसआई या सीआईए के साथ मिलेंगे।
मौलाना ने कहा कि हाल ही में अमेरिका की गायक मैरी मिलबेन ने साफ तौर पर कहा है कि यहां पर कुछ लोग ऐसे हैं, जो हिंदुस्‍तान नहीं पूरी दुनिया को तोड़ने के लिए फंडिंग करते हैं, उनको मैं जानती हूं। मुझे पता है कि सीजेपी प्रमुख को वही लोग फंडिंग करते हैं। नेहा बोरा का बयान है कि बांग्‍लादेश में जो प्रदर्शन हुआ था, जिससे वहां पर रिजीम चेंज हुआ था, वह हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। जहां पर हिंदुओं को मारा गया, मंदिरों को तोड़ा गया, ऐसी जगह जिन लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हो, ऐसे इंसान को भारत में रहने का अधिकार नहीं है। उन्‍होंने सवाल किया कि सरकारी एजेंसियां पता नहीं क्‍यों खामोश हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ के लिए जिस तरह से अपशब्‍दों का इस्‍तेमाल किया, इसके बावजूद वह खुलेआम बाहर घूम रही हैं। सरकार को चाहिए कि जो गलत है, उसे पकड़े और जेल में डाले।
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्‍तान और कश्‍मीर से जुड़े विवादित बयान पर मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं, "मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि फारूक अब्दुल्ला का यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है। यह व्यक्ति देशद्रोही है, क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के बारे में बात की है, एक ऐसा पाकिस्तान जिसने शुरू से लेकर अब तक लगातार भारत में आतंकवादी हमले किए हैं। पहलगाम में जो हुआ, उसे देखिए, जहां लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाकर मारा गया। वहां 25-26 लोगों की हत्या कर दी गई। उससे पहले पुलवामा हुआ था। उससे पहले, कारगिल युद्ध समेत हमारे खिलाफ कितने हमले हुए, उन्हें गिन लीजिए। जिहाद की आड़ में, पाकिस्तान ने हमेशा भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।"
मौलाना ने कहा कि पाकिस्‍तान ने जिहाद के नाम पर भारत में आतंकवाद फैलाया है। पड़ोसी देश हिंदुस्‍तान को चिढ़ाने के लिए कश्‍मीर का मुद्दा उठाता है, हालांकि उसकी औकात नहीं है। मेरा मानना है कि फारूक अब्‍दुल्‍ला, लोकसभा और राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे हैं, जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री रह चुके हैं, ये देशद्रोह ही है कि आपकी पाकिस्‍तान के साथ हमदर्दी है। इस तरह के लोगों को पाकिस्‍तान में छोड़ देना चाहिए।
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