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रूस का तेल अब भारत की ओर मुड़ा, चीन जा रहे टैंकरों ने बदला रास्ता

Shantanu Roy
18 March 2026 9:52 PM IST
रूस का तेल अब भारत की ओर मुड़ा, चीन जा रहे टैंकरों ने बदला रास्ता
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New Delhi. नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस से चीन जा रहे कच्चे तेल के टैंकरों ने दक्षिण चीन सागर में यू-टर्न लेकर भारत की ओर रुख कर लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत ने रूस से तेल आयात को तेजी से बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हाल के दिनों में रूसी तेल की खरीद को दोगुना कर दिया है। इसके चलते पहले चीन के लिए निर्धारित कई जहाजों को अब भारत की ओर मोड़ा जा रहा है। जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि ऐसा ही एक टैंकर 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचने वाला है।

जानकारी के अनुसार, इस टैंकर को जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से लोड किया गया था और इसका मूल गंतव्य चीन का रिझाओ पोर्ट था। हालांकि मार्च में दक्षिण-पूर्व एशियाई जलक्षेत्र में इसने अचानक अपना रास्ता बदल लिया और अब भारत की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव अमेरिका द्वारा भारत को रूस से अस्थायी रूप से तेल खरीदने की अनुमति दिए जाने के बाद देखने को मिला है। इस छूट के मिलते ही भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयात बढ़ा दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, केवल एक सप्ताह के भीतर भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से करीब 30 मिलियन बैरल कच्चे तेल की खरीद की है। इससे न केवल देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव के बीच भारत को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिल रही है। इस बीच, अन्य देशों द्वारा भी रूसी तेल खरीदने में रुचि दिखाई जा रही है। पहले जहां चीन इस तेल का प्रमुख खरीदार था, वहीं अब जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी फिर से बाजार में लौट सकते हैं। इससे आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और संभावित वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

ऊर्जा विश्लेषण फर्म Vortexa Limited के अनुसार, कम से कम सात टैंकर ऐसे हैं जिन्होंने अपनी यात्रा के दौरान चीन से भारत की ओर रुख बदल लिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अब रूसी तेल का एक प्रमुख आयातक बनता जा रहा है। इसके अलावा, स्वेजमैक्स ‘ज़ूज़ू एन.’ नामक टैंकर ने भी अपना अगला गंतव्य भारत के सिक्का पोर्ट को बताया है और इसके 25 मार्च तक पहुंचने की संभावना है। डेटा एनालिटिक्स कंपनी Kpler के अनुसार, यह टैंकर कजाख सीपीसी ब्लेंड क्रूड लेकर आ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ेगा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही, यह घटनाक्रम इस बात का संकेत भी है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक निर्णय किस तरह ऊर्जा बाजार को प्रभावित करते हैं। कुल मिलाकर, चीन की ओर जा रहे टैंकरों का भारत की ओर मुड़ना न केवल व्यापारिक रणनीति का हिस्सा है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा समीकरण में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत भी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत, चीन और अन्य देशों के बीच तेल व्यापार का संतुलन किस दिशा में जाता है।
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