भारत
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए बदले नियम, रामलीला मैदान समेत 3 जगहें तय
jantaserishta.com
12 Oct 2026 3:17 PM IST

x
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली के जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। गृह मंत्रालय की एक कमेटी की सिफारिश पर अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए तय किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया। नए स्थलों पर प्रदर्शन के नियमों के लिए संशोधित SOP जारी की जाएगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए नहीं मिलेगी अनुमति
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में धरना-प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसे प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिशों के बाद दिल्ली में तीन अन्य स्थानों को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है।
इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। इन जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों के बारे में संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP अलग से जारी की जाएगी।
हालांकि, जंतर-मंतर को सूची से हटाने के पीछे सरकार की ओर से कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। ऐसे में इस फैसले के कारणों को लेकर चर्चा हो रही है।
CJP ने मांगी थी प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस ने किया इनकार
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
इस संबंध में पार्टी के नेताओं ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना को झटका लगा।
इससे पहले भी CJP ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। यह आंदोलन 20 जून से 25 जुलाई तक चला था और कुल 36 दिनों तक जारी रहा। इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया था।
संसद के करीब होने के कारण उठे सवाल
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। हालांकि, संसद से इसकी करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी को इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
जून और जुलाई में हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी संसद के नजदीक पहुंच गए थे। उन्हें रोकने के लिए संसद के दरवाजे बंद करने पड़े थे। इस घटना के बाद संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन स्थलों को लेकर सवाल उठे थे।
CJP एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांग रही है। खबरों के मुताबिक, राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता भी यहां धरना देने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने और पहले हुए प्रदर्शनों के बीच सरकार ने कोई सीधा संबंध स्पष्ट नहीं किया है।
गृह मंत्रालय ने विरोध प्रदर्शन और धरने के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान करने के उद्देश्य से एक कमेटी गठित की थी। कमेटी की सिफारिशों के बाद तीन स्थानों को निर्धारित प्रदर्शन स्थल बनाया गया है। रामलीला मैदान संसद भवन से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर है। वहीं, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों में शामिल हैं। ये मैदान राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं।
इन स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति लेने की प्रक्रिया, शामिल होने वाले लोगों की संख्या और जरूरी शर्तों का विस्तृत विवरण संशोधित SOP में दिया जाएगा। हालांकि, फिलहाल नए दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को नियमों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने भी वैकल्पिक स्थल तलाशने की बात कही थी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी 9 अक्टूबर को वैकल्पिक स्थान तलाशने की बात कही थी। अदालत ने ऐसी बड़ी जगह की जरूरत पर जोर दिया था, जहां प्रदर्शनकारियों के लिए पानी, शौचालय और चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
ऐसे में केंद्र सरकार का नया फैसला दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए स्थानों की व्यवस्था में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड निर्धारित विकल्प होंगे।
CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर प्रदर्शन की तारीख तय करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अनुमति नहीं मिलने पर वह फिर से आंदोलन करेगी। ऐसे में प्रदर्शन की मंजूरी और नए नियमों को लेकर आने वाले दिन अहम हो सकते हैं।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





