RSS चीफ को पीएम मोदी से बात रखनी चाहिए, सावरकर को भारतरत्न देने की मांग पर संजय राउत का बयान

मुंबई। शिवसेना (UBT ) के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को भाषणों में मुद्दा उठाने के बजाय भाजपा सरकार से सीधे विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए कहना चाहिए। राउत ने कहा, ‘जब केंद्र में उनकी ही सरकार है और स्वयंसेवक सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, तो सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जाता , लाखों स्वयंसेवकों ने इस सरकार को सत्ता में लाने के लिए काम किया है। मोहन भागवत को यह बात सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहनी चाहिए, न कि मंच से भाषण में।’
यह मुद्दा तब प्रमुखता में आया जब आरएसएस प्रमुख ने मुंबई में '100 ईयर्स ऑफ संघ जर्नी-न्यू होराइजन्स'' कार्यक्रम में कहा कि सावरकर को भारत रत्न देने से इस सम्मान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।राउत ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के ढांचे की भी आलोचना की और अच्छे दिन नहीं आने के लिए संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को तो'अच्छे दिन मिले, लेकिन देश को नहीं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका की शर्तों के आगे झुक गया है और इसकी जिम्मेदारी संघ नेतृत्व को लेनी चाहिए।
संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाएगा, जिसमें वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक-रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर और कुछ मशीनरी शामिल हैं। विपक्ष ने इस समझौता ढांचे की आलोचना करते हुए कहा है कि इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम करेगा। साथ ही अमेरिका से आने वाले कई खाद्य और कृषि उत्पादों-जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स आदि पर भी टैरिफ में कटौती या समाप्ति की जाएगी। राउत ने आरएसएस शताब्दी कार्यक्रम में गायक अदनान सामी की उपस्थिति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अदनान सामी के पिता 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाक वायुसेना में थे और पठानकोट एयरबेस हमले से जुड़े थे। उन्होंने सवाल उठाया, ''ऐसे व्यक्ति के परिवार से जुड़े शख्स को सम्मानित कर किस तरह की देशभक्ति दिखाई जा रही है।''





