भारत

Romeo Lane अग्निकांड: आरोपी 5 घंटे में विदेश फरार, प्रशासन पर सवाल

SHIDDHANT
8 Dec 2025 10:52 PM IST
Romeo Lane अग्निकांड: आरोपी 5 घंटे में विदेश फरार, प्रशासन पर सवाल
x
Goa गोवा: कुख्यात रोमियो लेन अग्निकांड मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। यहां आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन हादसे की गंभीरता से भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस दिल दहला देने वाली त्रासदी के सिर्फ पांच घंटे बाद ही इसके मुख्य आरोपी सौरभ लुथरा और उसके भाई गौरव लुथरा भारत से फरार हो गए। दोनों ने मुंबई एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट पकड़कर फुकेट (थाईलैंड) के लिए उड़ान भर ली। इस खुलासे के बाद पूरे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस घटना में 25 लोग जलकर जान गंवा बैठे, उस मामले के मुख्य आरोपियों का इस तरह खुलेआम देश छोड़कर निकल जाना कई स्तरों पर भारी लापरवाही और सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि गोवा पुलिस और प्रशासन पूरी तरह “कुंभकरण की नींद” में सोया हुआ था। इतनी बड़ी घटना के बाद भी एयरपोर्ट पर कोई अलर्ट नहीं भेजा गया। न ही किसी भी एजेंसी ने आरोपियों की निगरानी या रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए। सूत्रों के अनुसार, हादसे के कुछ घंटे बाद ही दोनों भाई मुंबई पहुंच गए और सामान्य तरीके से चेक-इन करके देश से बाहर उड़ान भर दी। यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसी स्तर पर उन्‍हें जानबूझकर बच निकलने का मौका दिया गया? क्या किसी अधिकारी ने कर्तव्य में भारी कोताही बरती? या फिर प्रशासन शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था?
घटना के बाद से ही रोमियो लेन में चल रहे अवैध निर्माण, अनधिकृत विद्युत कनेक्शन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बातें सामने आ रही थीं। बताया जा रहा है कि जिस जगह आग लगी, वहां कई सुरक्षा नियमों का खुलकर उल्लंघन किया जा रहा था। इसके बावजूद संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। अब जब मुख्य आरोपी देश से फरार हो चुके हैं, तब राज्य सरकार और गोवा पुलिस पर कार्रवाई का दबाव और भी बढ़ गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि “प्रशासनिक विफलता” का चरम उदाहरण है। जांच एजेंसियों ने अब इंटरपोल नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को विदेश में पकड़ने और वापस भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल, इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा और निगरानी तंत्र की कमियां सिर्फ कानून व्यवस्था को कमजोर नहीं करतीं, बल्कि आपराधिक मामलों के आरोपियों को बच निकलने का रास्ता भी दे देती हैं। 25 लोगों की मौत के बाद भी अगर आरोपी इतनी आसानी से देश छोड़कर भाग जाते हैं, तो यह सवाल अनिवार्य रूप से उठता है
Next Story
null