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सामाजिक सद्भाव
Lucknow लखनऊ : राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने सामाजिक समरसता और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने के उद्देश्य से अपने कार्यक्रम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में रविवार, 20 सितंबर को मुजफ्फरनगर में पार्टी का बड़ा सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पचेंडा रोड स्थित प्लेटिनम बैंक्वेट हॉल परिसर में होने वाले इस कार्यक्रम में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पार्टी नेताओं ने सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया है।
रालोद की ओर से सम्मेलन को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां की जा रही हैं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें कर लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। मुजफ्फरनगर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जनसंपर्क किया गया है। पार्टी का कहना है कि सामाजिक समरसता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।
मुजफ्फरनगर में होने वाले सम्मेलन की तैयारियों के तहत बुढ़ाना में रालोद कार्यकर्ताओं की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार समेत पार्टी के कई नेताओं ने हिस्सा लिया। पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से सम्मेलन में लोगों को पहुंचाने के लिए 40 बसें ले जाने की बात कही। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संपर्क कर लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का आह्वान किया गया।
पार्टी नेताओं के अनुसार सम्मेलन में दलित, पिछड़े, किसान, मजदूर और अन्य सामाजिक वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। रालोद लंबे समय से किसान और ग्रामीण राजनीति से जुड़ा रहा है। पार्टी के नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की नीतियों और किसानों तथा वंचित वर्गों के लिए किए गए उनके कार्यों को भी इन कार्यक्रमों के माध्यम से सामने रख रहे हैं। मुजफ्फरनगर सम्मेलन के संयोजक कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने भी पार्टी को किसानों और मेहनतकश वर्गों से जुड़ी पार्टी बताया है।
मुजफ्फरनगर का सम्मेलन सुबह 11 बजे आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। बिजनौर से सांसद चंदन चौहान भी सम्मेलन की तैयारियों में सक्रिय रहे हैं। पार्टी की ओर से विभिन्न समाजों के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद की राजनीतिक गतिविधियां भी इन दिनों बढ़ी हुई हैं। मुजफ्फरनगर के सम्मेलन से पहले संगठनात्मक बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ता लोगों तक पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में दूसरे राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां तेज की हैं। ऐसे में रालोद के कार्यक्रमों को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय रखने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। यह राजनीतिक संदर्भ मीडिया रिपोर्टों का विश्लेषण है; पार्टी ने सम्मेलन का घोषित फोकस सामाजिक समरसता और विभिन्न वर्गों की भागीदारी पर रखा है।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी का संबोधन कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगा। हालांकि उनके भाषण में किन मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, इसकी विस्तृत आधिकारिक रूपरेखा सामने नहीं आई है। पार्टी की ओर से सामाजिक समरसता, किसान हित और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद जैसे विषयों को कार्यक्रम में प्रमुखता दिए जाने की बात कही गई है।
इसी बीच रालोद की अन्य जिलों में भी संगठनात्मक गतिविधियां चल रही हैं। सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 20 सितंबर को पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा का कार्यकर्ता सम्मेलन निर्धारित है। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी अलग-अलग जिलों में संगठन को सक्रिय करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसके अलावा हाथरस में 21 सितंबर से एक पदयात्रा शुरू करने की तैयारी है। पार्टी की बैठक में इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई और पहले दिन बड़ी सभा आयोजित करने की योजना रखी गई है। पदयात्रा के प्रथम चरण का समापन 27 सितंबर को करील गांव में प्रस्तावित है।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में 20 सितंबर के मुजफ्फरनगर कार्यक्रम को स्पष्ट रूप से “सामाजिक समरसता सम्मेलन” कहा गया है। पूरे प्रदेश में “आज से जिले-वार सामाजिक सद्भाव सम्मेलन” शुरू किए जाने की समान आधिकारिक समय-सारिणी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है। इसलिए इस दावे को प्रकाशित करते समय पार्टी की आधिकारिक प्रदेश स्तरीय घोषणा या कार्यक्रम सूची से मिलान करना उचित रहेगा।
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