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SIR के नाम पर वोट काटने का आरोप
बिहार। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR की आड़ में करोड़ों लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया। साथ ही उन्होंने बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुई बैठक का जिक्र
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील कुमार सिंह ने कहा कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवार मौजूद थे। इस दौरान तेजस्वी यादव ने उम्मीदवारों को चुनावी प्रक्रिया में सतर्क रहने की सलाह दी। सुनील सिंह के अनुसार, तेजस्वी यादव ने सभी उम्मीदवारों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदान प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आगाह किया।
SIR को लेकर लगाए गंभीर आरोप
आरजेडी एमएलसी ने आरोप लगाया कि SIR की आड़ में 13 करोड़ लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया गया। उन्होंने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। हालांकि, 13 करोड़ लोगों के मतदान अधिकार छिनने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह आरजेडी नेता का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने का किया समर्थन
सुनील कुमार सिंह ने ईवीएम और बैलेट पेपर से होने वाले मतदान की तुलना करते हुए कहा कि पहले लोगों को ईवीएम पर भरोसा था, लेकिन इस बार बैलेट पेपर से मतदान हुआ। उन्होंने आरजेडी के एमएलसी सोनू राय की जीत का उदाहरण देते हुए दावा किया कि बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों में गड़बड़ी करना आसान नहीं होता।
हालांकि, बैलेट पेपर या ईवीएम में से किसी एक प्रणाली को पूरी तरह गड़बड़ी मुक्त बताने के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक हैं।
चुनावी पारदर्शिता पर राजनीतिक बहस
आरजेडी नेता के बयान के बाद मतदाता सूची और मतदान प्रणाली को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है। बिहार में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के नाम और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
सुनील कुमार सिंह के आरोपों पर निर्वाचन आयोग या संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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