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जांच तेज
Noida नॉएडा। ग्रेटर नोएडा में एक सोसायटी के भीतर कथित ईसाई धर्म परिवर्तन गिरोह के खुलासे के बाद गौतमबुद्ध नगर की पुलिस ने जांच का दायरा तेज कर दिया है। इस मामले में पुलिस और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) की टीमें सक्रिय हो गई हैं, और नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक चल रही संदिग्ध प्रार्थना सभाओं और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास से छह बॉक्स में करीब 250 से अधिक धार्मिक पुस्तकें बरामद की गई हैं। इसके अलावा धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने से जुड़े पर्चे, पोस्टर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में एक व्हाट्सएप ग्रुप का खुलासा हुआ है, जिसके माध्यम से धर्म परिवर्तन से जुड़ी रणनीति बनाई जाती थी और लोगों को जोड़ा जाता था।
इतना ही नहीं, हर रविवार को होने वाली धार्मिक सभाओं की कैमरे से लाइव रिकॉर्डिंग की जाती थी, ताकि इन्हें अन्य लोगों तक भी पहुंचाया जा सके। चश्मदीदों के मुताबिक, धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया जाता था। आरोप है कि कुछ मामलों में टब में जबरन उल्टी (बोमेटिंग) करवाई जाती थी और इसे 'पवित्र प्रक्रिया' बताकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस इन गंभीर आरोपों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, ये गिरोह गरीब महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाता था। उन्हें मुफ्त शिक्षा, गरीब महिलाओं की शादी कराने, बच्चों को किताबें, टॉफी, कपड़े और अन्य उपहार देने का लालच देकर प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता था। इस मामले में 8 फरवरी को थाना बीटा-2 क्षेत्र के ऐच्छर इलाके में धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में सामने आया कि एक टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी और साली के साथ ऐच्छर निवासी चंद्रकरण कुछ महिलाओं को एकत्र कर ईसाई धर्म के बारे में जानकारी दे रहे थे।
थाना बीटा-2 पुलिस ने इस मामले में अभियोग पंजीकृत करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश पुत्र शंकर लाल, निवासी बांसवाड़ा (राजस्थान), वर्तमान पता सी-28, सिग्मा-2, गौतमबुद्ध नगर और चंद किरण पुत्र गजेसिंह प्रजापति, निवासी ऐच्छर, गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस धर्मांतरण के इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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