राज्यसभा सांसद ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की, फंस चुके है विवादित बयान देकर

दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमले के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमाता जाता रहा है. इसी बीच सपा ने ईद के बाद पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है. साथ ही सपा सांसद ने राणा सांगा पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया है और कहा कि इतिहास को नकारा नहीं जा सकता. हालांकि, उन्होंने सभापति से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
सांसद ने गुरुवार को कहा, 'मैं इस जन्म में माफी नहीं मांगूंगा, मुझे अगले जन्म का पता नहीं है.' यह बात उनके घर पर करणी सेना के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले के एक दिन बाद कही हैं.' उन्होंने कहा, 'उन्हें सच स्वीकार करना सीखना होगा. बाबर को राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए आमंत्रित किया था. उन्हें ये गलतफहमी थी कि बाबर एक लुटेरा है और वह वापस चला जाएगा और हम शासन करेंगे.'
उन्होंने कहा, 'ये समझौता हुआ था कि राणा सांगा आगरा पर हमला करेंगे. जब उनका समझौता टूट गया तो फतेहपुर सीकरी में उनका युद्ध हुआ. राणा सांगा ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन हार गए. ये इतिहास है, इसे कौन नकार सकता है?' सुमन ने ये भी कहा कि हमलावरों का इरादा उनके परिवार को नुकसान पहुंचाना था. उन्होंने कहा, 'मैंने राज्यसभा के सभापति से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया. मुझे सुरक्षा चाहिए. मैंने उन्हें बताया कि 22 मार्च से सोशल मीडिया के जरिए धमकियां दी जा रही थीं और कल वे बुलडोजर लेकर मेरे घर आ गए.'
उन्होंने कहा, 'ये जानलेवा हमला था. उन्होंने सभी शीशे तोड़ दिए, कॉलोनी में कारें तोड़ दीं... उनका इरादा मेरे परिवार को नष्ट करना था.' दरअसल, बीते दिनों सपा सांसद ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि राणा सांगा एक गद्दार था, जिसने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को लाया था. राणा सांगा या संग्राम सिंह प्रथम 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे.





