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रायपुर में मतदाता सूची में बड़ी चूक, पूर्व महापौर अंबिका यदु महिला की जगह पुरुष दर्ज, SIR सत्यापन पर उठे सवाल

Uma Verma
24 Oct 2026 9:14 AM IST
रायपुर में मतदाता सूची में बड़ी चूक, पूर्व महापौर अंबिका यदु महिला की जगह पुरुष दर्ज, SIR सत्यापन पर उठे सवाल
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A major error in Raipur's Birgaon voter list has recorded former mayor Ambika Yadu as male instead of female in Election Commission records, raising questions over the SIR verification process.

रायपुर। बीरगांव नगर निगम क्षेत्र की मतदाता सूची में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में बीरगांव की पूर्व महापौर अंबिका यदु के जेंडर कॉलम में महिला की जगह पुरुष दर्ज कर दिया गया है। एक पूर्व जनप्रतिनिधि के डेटा में इस तरह की चूक ने बूथ लेवल अधिकारियों और सत्यापन अमले की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मतदाता सेवा पोर्टल पर उपलब्ध विवरण में अंबिका यदु का नाम, उनके रिश्तेदार का नाम और उम्र समेत बाकी जानकारी दर्ज है, लेकिन जेंडर के सामने पुरुष लिखा हुआ है। इस मामले को डॉट टाइम्स ने भी प्रमुखता से उठाया है। जानकारों का मानना है कि जब एक प्रतिष्ठित और जानी-पहचानी हस्ती के रिकॉर्ड में ऐसा प्रशासनिक खिलवाड़ हो सकता है, तो आम नागरिकों की प्रविष्टियों में किस स्तर की गड़बड़ियां होंगी, यह भी जांच का विषय है।

बताया जा रहा है कि यह चूक हाल ही में संपन्न हुई SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद भी बनी रही। घर-घर जाकर सत्यापन का दावा करने वाले इस अभियान के बाद भी इतनी बड़ी गड़बड़ी रह जाने से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का सवाल है कि क्या मैदानी अमले ने नियमों के तहत जमीनी स्तर पर नाम और फोटो का वास्तविक सत्यापन किया ही नहीं, और पुनरीक्षण अभियान के बावजूद पोर्टल पर ऐसी भारी त्रुटियां कैसे रह गईं।

सिर्फ अंबिका यदु का मामला ही सामने नहीं आया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नामों व तस्वीरों के मिलान में भी त्रुटियां सामने आ रही हैं, जिससे चुनाव आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की सुरक्षा और शुद्धता को लेकर उलझन बढ़ती जा रही है। इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी Dot Times Raipur News पर भी पढ़ी जा सकती है।

फिलहाल प्रशासनिक कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की सटीकता पर उठे सवालों के बीच मांग उठ रही है कि पूरी मतदाता सूची का फिर से भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि आम मतदाताओं को चुनाव के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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