भारत

रेलवे अफसर को जबरन रिटायर किया गया, घूसखोरी का आरोप

Nilmani Pal
21 Feb 2025 7:32 AM IST
रेलवे अफसर को जबरन रिटायर किया गया, घूसखोरी का आरोप
x
पढ़े पूरी खबर

गोरखपुर। घूसखोरी में फंसे पूर्वोत्तर रेलवे में तैनात 2000 बैच के आईआरटीएस (इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विसेस) अधिकारी आलोक सिंह को रेलवे बोर्ड ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। आलोक सिंह गोरखपुर में मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक (सीपीटीएम) के पद पर तैनात थे। आलोक सिंह की उम्र 50 साल पूरी होते ही रेलवे ने यह कार्रवाई की है। रेलवे में अनिवार्य सेवानिवृत्ति (धारा 56 जे के तहत कार्रवाई) के लिए 50 साल की न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित है।

बुधवार की शाम बोर्ड से आदेश के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया। इसके बाद रेलवे के एकाउंट और पर्सनल विभाग ने सेटलमेंट तैयार कर उन्हें कार्य मुक्त कर दिया। अब जल्द ही इस पद पर किसी नए अफसर को तैनाती दी जाएगी।

यह फैसला रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। 2015 में सीपीआरओ रहते हुए उन पर एक विज्ञापन एजेंसी से घूस लेने का आरोप लगा था। उसी आरोप को आधार बना सीबीआई ने केस दर्ज किया था।

देवरिया जिले के रहने वाले आलोक सिंह 2000 बैच के भारतीय रेल यातायात सेवा के अधिकारी थे। उनकी पहली नियुक्ति 2001 में गोरखपुर में सहायक वाणिज्य प्रबंधक (टिकट जांच) के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ, गोरखपुर, इज्जतनगर सहित कई जगहों पर महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।


Next Story