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विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं
Delhi दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर CBI निदेशक चयन प्रक्रिया पर अपनी असहमति जताई है। उन्होंने इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और जानकारी उपलब्ध कराने पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि CBI जैसी देश की प्रमुख जांच एजेंसी के चयन में पारदर्शिता आवश्यक है, लेकिन उन्हें योग्य उम्मीदवारों की सेल्फ-अप्रेज़ल रिपोर्ट और 360-डिग्री मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जानकारी के समिति की बैठक में उनसे निर्णय लेने की अपेक्षा की गई, जो उचित नहीं है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI निदेशक के चयन की प्रक्रिया पर अपनी असहमति दर्ज कराई है। मैं किसी पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होकर अपने संवैधानिक कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकता। विपक्ष का नेता कोई 'रबर स्टैंप' नहीं… pic.twitter.com/aWbNjes85V
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता की भूमिका केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि यह एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने लिखा कि वे किसी भी ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकते जिसे वे पक्षपातपूर्ण मानते हैं और वे “रबर स्टैंप” बनकर काम नहीं करेंगे। पत्र में उन्होंने पिछली बैठकों और पत्राचार का भी उल्लेख किया और कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया के लिए उन्होंने पहले भी सुझाव दिए थे, लेकिन उन पर कोई जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी के इस पत्र के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष और सरकार के बीच चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
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