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सोरेन सरकार को घेरा
Ranchi. रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 17वें दिन सोमवार को हजारों अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए रांची की सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई को लेकर अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है।
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2026
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students…
इसी बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया और झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकालने पर जोर दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है। उनके मुताबिक छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत के जरिए ही किसी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात लगातार सुनने और उनके मुद्दों को जल्द हल करने की अपील की।
दरअसल, JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया और उससे जुड़े कई मामलों में गड़बड़ी हुई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची की सड़कों पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। छात्र लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पानी की तेज बौछार के बावजूद कई छात्र मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिली। पुलिस और छात्रों के बीच टकराव के बाद मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। विपक्ष की ओर से सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और आंदोलन को समाप्त करने के लिए समाधान निकालने की मांग की जा रही है। इसी राजनीतिक माहौल के बीच राहुल गांधी का बयान सामने आया है। उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना है। एक ओर छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी मांगों पर कायम हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ रहा है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका आंदोलन इसी मांग के इर्द-गिर्द केंद्रित है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी चाहते हैं कि सरकार उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करे और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों का समाधान निकाले।
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