
भारत: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक नए वीडियो को लेकर उन पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को दूर करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि वे प्रधानमंत्री से माफी के हकदार हैं।
राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने छात्रों की ओर से की गई कथित टिप्पणियों को लेकर उन्हें माफ करने की बात कही थी। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्रों को किसी तरह की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि सरकार को उनकी परेशानियों को समझते हुए जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने चेन्नई के पास महाबलीपुरम में नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से बातचीत की, जिन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी समस्याओं के कारण अपने बच्चों को खो दिया। राहुल ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को खोने का दर्द झेलते देखना बेहद दुखद है और किसी भी युवा की मौत पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे जाती है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितताओं के कारण प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण उनकी मेहनत अचानक बर्बाद हो जाती है।
कांग्रेस नेता ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों से ईमानदारी और मेहनत की उम्मीद की जाती है, लेकिन व्यवस्था खुद उनके साथ ईमानदार नहीं है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों से छात्रों का भरोसा टूट रहा है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों और उनके माता-पिता के दर्द को समझने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। राहुल गांधी ने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में बहस चल रही है। छात्र संगठन और विपक्ष लगातार सरकार से परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी और राहुल गांधी के जवाब के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का हवाला दिया जाता रहा है।
राहुल गांधी ने एक बार फिर छात्रों के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है।





