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राहुल गांधी भारत के पीएम नहीं बन सकते, पाकिस्तान जाकर पूरा कर लें शौक: हिमंता बिस्वा सरमा

jantaserishta.com
15 May 2024 11:30 AM GMT
राहुल गांधी भारत के पीएम नहीं बन सकते, पाकिस्तान जाकर पूरा कर लें शौक: हिमंता बिस्वा सरमा
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फाइल फोटो

गिरिडीह/रामगढ़: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कोडरमा लोकसभा सीट के देवरी में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे वार किए। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी कभी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। अगर उन्हें पीएम बनना है तो वह पाकिस्तान जाकर यह शौक पूरी कर सकते हैं। हम उनका पासपोर्ट-वीजा बनाने में मदद करेंगे। भारत में तो प्रधानमंत्री का पद नरेंद्र मोदी के लिए बुक है।"
हिमंता बिस्वा सरमा ने कोडरमा लोकसभा क्षेत्र के देवरी के अलावा हजारीबाग संसदीय सीट के रजरप्पा में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "मोदी जी अबकी बार चार सौ सीटें लाकर पीएम बनेंगे। कांग्रेस के नेता पूछ रहे हैं कि जब 272 सीटों में सरकार बन जाती है तो मोदी जी को चार सौ सीटें क्यों चाहिए? मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि अबकी बार मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि एवं वाराणसी में मस्जिद की जगह मंदिर बनाने के लिए चार सौ सीटों की ताकत चाहिए।"
असम के सीएम ने कहा कि पिछली बार पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव में ट्रिपल सेंचुरी लगाई। इस बार चार सौ सीटें आईं तो पाक अधिकृत कश्मीर का भी भारत में विलय हो जाएगा। देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा। कांग्रेस की सरकारों ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में धर्म के नाम पर मुसलमानों को आरक्षण देने का जो सिलसिला शुरू किया है, उसे खत्म करने के लिए भी चार सौ सीटें जरूरी हैं।
उन्होंने झारखंड की झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि यहां के कांग्रेस के सांसद के घर से 350 करोड़ और मंत्री के घर से 30-35 करोड़ रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार करने की वजह से जेल चले गए। ऐसी सरकार की जरूरत इस प्रदेश को कतई नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद होने वाले झारखंड के विधानसभा चुनाव में इस प्रदेश में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार बनेगी।
झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या का जिक्र करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इन्हें कांग्रेस-झामुमो की सरकार का समर्थन हासिल है। 30 साल पहले असम में भी घुसपैठ का सिलसिला शुरू हुआ था। तब की सरकार ने इस पर रोक के लिए कदम नहीं उठाया और आज यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि 11 जिलों की जनसांख्यिकी बदल गई है। वहां हम माइनॉरिटी बन गए हैं। अगर यहां भी इस पर रोक नहीं लगाई गई तो पूरे झारखंड की यही स्थिति होगी।
यूनिफॉर्म सिविल कोड की जरूरत पर जोर देते हुए असम के सीएम ने कहा कि आज मुसलमानों को तीन-तीन, चार-चार शादियां करने की आजादी है। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। तीन तलाक के नाम पर बहनों-माताओं पर अत्याचार बंद होना चाहिए। इस देश में मदरसों की शिक्षा भी बंद होनी चाहिए, क्योंकि देश को मुल्ले नहीं, डॉक्टर-इंजीनियर और सुशिक्षित लोग चाहिए।
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