भारत
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को राहुल गांधी ने बताया 'चुनावी बिल'
jantaserishta.com
1 May 2026 3:22 PM IST

x
नई दिल्ली: महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार का घेराव किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रोजगार और मजदूरों की स्थिति को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कह दिया था कि चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी। आज कमर्शियल गैस सिलेंडर 993 रुपए महंगा हुआ। यह एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। यह चुनावी बिल है। फरवरी से अब तक 1,380 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह सिर्फ 3 महीनों में 81 प्रतिशत का इजाफा है।"
उन्होंने आगे लिखा, "चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा। पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीजल पर।" वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में बढ़ती बेरोजगारी के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात 'हम दो-हमारे दो' नीति का नतीजा हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू किया, जिससे नोएडा, पानीपत के आईओसीएल, एनटीपीसी पतरातू और श्रीपेरंबदूर में सैमसंग फैक्ट्री समेत कई जगहों पर असंतोष देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि नया लेबर कोड नौकरी की सुरक्षा के बजाय कॉन्ट्रैक्ट लेबर और 'हायर एंड फायर' जैसी नीतियों को बढ़ावा देता है, इसलिए इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया है और मजदूरी का 40 प्रतिशत बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया है, जिससे राज्यों के लिए रोजगार देना मुश्किल हो गया है।
खड़गे ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण लोगों को मजबूरन गिग वर्क की ओर जाना पड़ रहा है, और करीब 69 प्रतिशत लोग न्यूनतम मजदूरी से कम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक (2014-15 से 2022-23) में मजदूरों की आय में सालाना 1 प्रतिशत से भी कम वृद्धि हुई है।
इसके अलावा, उन्होंने पढ़े-लिखे युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में करीब 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन उन्हें भरा नहीं जा रहा। साथ ही, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से भी नौकरियां कम हुई हैं और एमएसएमई सेक्टर को नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस ने इस दौरान मजदूरों के लिए पांच प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें मनरेगा को दोबारा शुरू करना और शहरों तक विस्तार, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन तय करना, 'राइट टू हेल्थ' कानून लागू करना, असंगठित श्रमिकों के लिए बीमा और ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाने के साथ नए लेबर कोड की समीक्षा शामिल है।
Tagsकमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतकमर्शियल गैस सिलेंडरराहुल गांधीCommercial Gas Cylinder PriceCommercial Gas CylinderRahul Gandhi
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





