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सुंदरनगर नगर परिषद चुनाव 2026 में मतदान व्यवस्था पर सवाल

Shantanu Roy
17 May 2026 2:17 PM IST
सुंदरनगर नगर परिषद चुनाव 2026 में मतदान व्यवस्था पर सवाल
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Sundernagar. सुंदरनगर। राकेश जम्वाल ने सुंदरनगर नगर परिषद चुनाव-2026 के दौरान मतदान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों और वार्डों में किए गए बदलावों के कारण मतदाताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा तेज हो गई है।
मतदान के दिन विधायक राकेश जम्वाल अपनी पत्नी के साथ रसमाई मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर बूथों और वार्डों के मतदान केंद्रों में अचानक बदलाव किए गए, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। उनका कहना था कि इन बदलावों की पूर्व जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं दी गई, जिसके कारण कई लोग अपने निर्धारित मतदान केंद्रों की तलाश में भटकते नजर आए।
सबसे अधिक समस्या पुंघ वार्ड में सामने आई, जहां मतदान केंद्र में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में मतदाता असमंजस में पड़ गए। जानकारी के अनुसार, बूथ बदलने की वजह से मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट की देरी से शुरू हो सकी। इस देरी का असर मतदान की शुरुआती गति पर भी देखने को मिला, जिससे कई मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा।
इसी तरह पुराना बाजार क्षेत्र में भी मतदान व्यवस्था को लेकर असंतोष की स्थिति देखी गई। यहां वार्ड नंबर-11 के मतदाताओं को अचानक वार्ड नंबर-7 में जाकर मतदान करने के निर्देश दिए गए। इस बदलाव से स्थानीय लोगों में असंतोष फैल गया और कई मतदाताओं ने इसे प्रशासनिक अव्यवस्था का उदाहरण बताया। कुछ मतदाताओं ने कहा कि इस तरह के अचानक बदलाव से मतदान प्रक्रिया जटिल हो जाती है और लोगों को समय और संसाधनों की परेशानी झेलनी पड़ती है।
विधायक जम्वाल ने आरोप लगाया कि इस पूरी स्थिति को लेकर उन्होंने मंडी के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) और सुंदरनगर के उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) को शिकायत भी दी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, लेकिन इस मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा बनी रही। कई लोगों ने मतदान केंद्रों के बार-बार बदलने और सूचना के अभाव को मुख्य समस्या बताया। मतदाताओं का कहना था कि अगर पहले से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाती, तो इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आई इन शिकायतों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और चुनाव प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चुनावी माहौल और अधिक चर्चा में आ गया है और लोग मतदान व्यवस्था की पारदर्शिता और तैयारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
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