रेलवे में करोड़ों के प्रोजेक्ट को मिलते हैं 1-1 हजार, फंड के लिए तरसते रह जाते है प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: मोदी सरकार (Modi Govt) के कार्यकाल में हुए कुछ बड़े बदलावों में से रेल बजट (Rail Budget) का समाप्त होना भी अहम है. अलग से रेल बजट पेश किए जाने की परंपरा 2017 में समाप्त कर दी गई और इसे आम बजट (Union Budget) का ही हिस्सा बना दिया गया. इस फैसले के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आया है. नेताजी की सिफारिश पर नई रेलवे लाइन (New Rail Line) बिछाना अब विभाग के लिए प्रॉयरिटी नहीं रह गया है. सिफारिश से प्रोजेक्ट को मंजूरी भले ही मिल जाए, लेकिन सालों साल तक फंड के लिए ऐसे प्रोजेक्ट तरसते रह जाते हैं.
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